Agniveer Rally 2026: क्या आपके डॉक्यूमेंट्स में भी है नाम में गलती? रिजेक्ट होने से पहले बनवा लें यह एफिडेविट

Agniveer Rally 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए सेना ने अहम निर्देश दिए हैं। यदि 10वीं की मार्कशीट या अन्य डॉक्यूमेंट्स में नाम, जन्मतिथि में कोई अंतर है, तो 10 रुपये के स्टैंप पेपर का एफिडेविट साथ ले जाना अनिवार्य होगा।
Teachers Day 2026: ‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े’ शिक्षक दिवस पर इस तरह करें भाषण की शुरुआत, बजने लगेंगी तालियां

New Delhi: हर साल 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस (Teachers Day 2026) मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के सम्मान के लिए समर्पित है और भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का प्रतीक है। शिक्षक दिवस (Teachers Day 2026) सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है; यह उन गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है जो न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि छात्रों को जीवन में सही रास्ता चुनना भी सिखाते हैं। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गुरु के बारे में एक दोहे के साथ अपने भाषण की प्रभावशाली शुरुआत करें शिक्षक दिवस के भाषण में शुरुआत (Teachers Day 2026) को सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। एक प्रभावशाली शुरुआत तुरंत दर्शकों का ध्यान खींच लेती है। इस संदर्भ में, संत कबीर का एक प्रसिद्ध दोहा, जो गुरु (शिक्षक) के महत्व को उजागर करता है, एक बेहतरीन विकल्प है। “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय;बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।” यह दोहा बताता है कि गुरु हमें ज्ञान और सही दिशा प्रदान करते हैं; इसलिए हमारे जीवन में उनका स्थान सर्वोच्च है। शिक्षक दिवस का भाषण कैसे शुरू करें आदरणीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आज मैं एक ऐसे विषय पर अपने विचार साझा करने जा रहा हूं जो हम सभी के जीवन से गहराई से जुड़ा है। शिक्षक (Teachers Day 2026) केवल वह व्यक्ति नहीं है जो हमें निर्देश देता है; वे हमारे व्यक्तित्व को निखारने और हमारे बेहतर भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम सभी जानते हैं कि भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day 2026) मनाया जाता है। यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का प्रतीक है, जो शिक्षा को सामाजिक प्रगति का सबसे मजबूत आधार मानते थे। जीवन में शिक्षक की भूमिका डॉ. राधाकृष्णन का पूरा जीवन शिक्षा और ज्ञान के लिए समर्पित था। उनका मानना था कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और चरित्र को आकार देना है। इंटरनेट और तकनीक के आज के दौर में, ज्ञान प्राप्त करने के कई तरीके हैं; हालांकि, कोई भी टेक्नोलॉजी उस शिक्षक (Teachers Day 2026) की जगह नहीं ले सकती जो संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही फैसले लेने की क्षमता सिखाता है। एक अच्छा शिक्षक छात्र को सिर्फ परीक्षा में सफल होने के लिए ही तैयार नहीं करता, बल्कि उन्हें जिंदगी की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी मजबूत बनाता है। शिक्षकों के प्रति आभार शिक्षक दिवस हमें याद दिलाता है कि अपने गुरुओं (Teachers Day 2026) के प्रति हमारा सम्मान सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके दिखाए रास्ते पर चलना और उनके सपनों को पूरा करना ही उन्हें दी जाने वाली सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। अंत में, मैं अपने सभी शिक्षकों का दिल से आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने हमें ज्ञान, प्रेरणा और सही दिशा दी है। धन्यवाद।जय हिंद, जय भारत। शिक्षक दिवस के लिए 10 लाइनों का छोटा भाषण निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।
BGSSL Recruitment: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ा मौका, बैंक ऑफ बड़ौदा की कंपनी में निकली भर्ती

BGSSL Recruitment: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। बैंक ऑफ बड़ौदा की सब्सिडियरी कंपनी बड़ौदा ग्लोबल शेयर्ड सर्विसेज लिमिटेड (BGSSL) ने अलग-अलग पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए देशभर में कुल 2049 पद भरे जाएंगे। खास बात यह है कि भर्ती में फ्रेशर्स के साथ-साथ अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भी मौका दिया गया है। आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और अनुभव की शर्तें भी अलग रखी गई हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पद की पात्रता जरूर देखना जरूरी होगा। किस-किस पद पर निकली वैकेंसी? (BGSSL Recruitment) BGSSL की भर्ती में कई विभागों को शामिल किया गया है। इनमें कलेक्शन्स, डिजिटल बैंकिंग, ग्लोबल ट्रेड सर्विस, रिटेल सेल्स, ह्यूमन रिसोर्स, आईटी, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और आधार ऑपरेशंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भर्ती के तहत अप्रेंटिस (टेली कॉलिंग) के 150 पद, टेली कलेक्शन एजेंट के 100 पद और एटीएम-रिकॉन्सिलिएशन, शिकायत एवं डेबिट कार्ड से जुड़े एग्जीक्यूटिव के 40 पद रखे गए हैं। इसी तरह ट्रेड फाइनेंस ऑपरेशंस के लिए 25, CASA-FCNR कॉलिंग के लिए 40 और एग्जीक्यूटिव-सिनियर एग्जीक्यूटिव (मेकर्स) के लिए 20 पद हैं। प्रोक्योरमेंट मैनेजर, डिप्टी मैनेजर HR एवं एडमिन, डेस्कटॉप सपोर्ट एनालिस्ट और डिप्टी मैनेजर L&D जैसे पदों पर भी भर्ती होगी। सबसे ज्यादा पद फील्ड कलेक्शन ऑफिसर, डिजिटल ऑनबोर्डिंग स्पेशलिस्ट और आधार ऑपरेटर जैसे पदों में हैं। इनमें कई पदों पर 400-400 वैकेंसी रखी गई हैं। इसके अलावा सेल्स ऑफिसर ASM-RSM के 350 पद भी भर्ती अभियान का हिस्सा हैं। 30 सितंबर तक ही मिलेगा आवेदन का मौका इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है। निर्धारित तारीख के बाद मिलने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भर्ती से संबंधित निर्देशों के मुताबिक उम्मीदवार अपना अपडेटेड रिज्यूमे ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं। हालांकि आवेदन भेजने से पहले उम्मीदवार को संबंधित पद के लिए मांगी गई पात्रता और जॉब रोल की जानकारी ध्यान से देखनी होगी। हर पद के लिए अलग होगी योग्यता 2049 पदों की इस भर्ती में सभी उम्मीदवारों के लिए एक जैसी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखी गई है। पद के हिसाब से योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है, जबकि कुछ भूमिकाओं में पोस्ट ग्रेजुएशन, MBA, CA, CS या इंजीनियरिंग की डिग्री मांगी जा सकती है। मैनेजर और कई विशेषज्ञ पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी जरूरी हो सकता है। उम्र की सीमा भी पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में उम्मीदवार को आवेदन करने से पहले अपने पसंदीदा पद का पूरा नोटिफिकेशन पढ़ना चाहिए। करियर ब्रेक वालों के लिए भी अच्छी खबर (BGSSL Recruitment) BGSSL ने भर्ती प्रक्रिया में करियर ब्रेक के बाद दोबारा नौकरी की दुनिया में लौटने वाले उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता देने की बात कही है। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को भी संबंधित पद के लिए निर्धारित योग्यता और अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी। इस प्रावधान से उन लोगों के लिए अवसर बढ़ सकता है, जो किसी वजह से नौकरी से कुछ समय दूर रहे और अब दोबारा प्रोफेशनल करियर शुरू करना चाहते हैं। बिना लिखित परीक्षा के इंटरव्यू से हो सकता है चयन उपलब्ध भर्ती जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों के आवेदन और रिज्यूमे की शुरुआती स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद पद की जरूरत और उम्मीदवार की प्रोफाइल के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग होगी। चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। उपलब्ध नोटिफिकेशन में किसी लिखित परीक्षा का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसलिए उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से आवेदन की स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू के आधार पर होने की संभावना है। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवारों को BGSSL की आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले कंपनी की वेबसाइट के करियर सेक्शन में जाएं। वहां उपलब्ध पदों में अपनी योग्यता और अनुभव के मुताबिक जॉब रोल चुनें। इसके बाद पात्रता, जॉब प्रोफाइल और जरूरी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ें। अपडेटेड रिज्यूमे और आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। भर्ती नोटिस में दिए गए निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार अपना रिज्यूमे भी भेज सकते हैं।
PM SHRI Scheme: अब नन्हे बच्चों को भी मिलेगा पूरा हक, यूनिफॉर्म और जूते-मोजे के लिए खाते में आएंगे 1200 रुपये

Lucknow: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए सरकार की ओर से (PM SHRI Scheme) राहत भरी पहल सामने आई है। अब तीन से छह साल की उम्र के प्री-प्राइमरी बच्चों को भी स्कूल ड्रेस और जूता-मोजा खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। खास बात यह है कि रकम सीधे बच्चों के माता-पिता के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बच्चे शुरुआती कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। प्री-प्राइमरी बच्चों को पहली बार मिलेगा लाभ अभी तक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और दूसरी जरूरी चीजों के लिए 1200 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए अभिभावकों के बैंक खाते में पहुंचाई जाती है। अब इसी व्यवस्था को प्री-प्राइमरी कक्षाओं तक बढ़ाया जा रहा है। शुरुआत प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया यानी पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) के तहत संचालित प्री-प्राइमरी स्कूलों से होगी। प्रदेश के 1235 पीएम श्री विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। बैंक खाते की जानकारी जुटाने में जुटा विभाग योजना का लाभ सही बच्चों तक पहुंचाने के लिए सभी जिलों से प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों की जानकारी मांगी गई है। सहायता राशि आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस पैसे का इस्तेमाल बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और स्कूल से जुड़ी दूसरी जरूरी सामग्री खरीदने में किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि स्कूल ड्रेस मिलने से छोटे बच्चों में विद्यालय जाने को लेकर उत्साह बढ़ेगा और उनमें स्कूल से जुड़ाव भी मजबूत होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्री-प्राइमरी की तरह किया जा रहा तैयार परिषदीय स्कूलों से जुड़े आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी व्यवस्था के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर पर सीखने का बेहतर माहौल देना और उन्हें आगे चलकर कक्षा एक में प्रवेश के लिए तैयार करना है। इसी के साथ स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। सरकार का जोर केवल पढ़ाई तक सीमित न रहकर बच्चों को स्कूल का बेहतर अनुभव देने पर है। 29 एडेड स्कूलों की भी बदलेगी तस्वीर (PM SHRI Scheme) उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में भी कई काम प्रस्तावित हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत तीन नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के निर्माण की योजना है। इसके अलावा 29 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की मरम्मत और सुधार के लिए करीब 14.76 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। चित्रकूट के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 4.11 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे विद्यालय की अधूरी इमारत का काम आगे बढ़ेगा। अब परिषदीय स्कूलों में भी होगी PTM (PM SHRI Scheme) सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM कराने के भी निर्देश दिए हैं। एक शैक्षणिक सत्र में चार PTM आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय को इसके लिए 250 रुपये की राशि दी जाएगी। इन बैठकों का मकसद केवल बच्चों के परीक्षा परिणाम या पढ़ाई की जानकारी देना नहीं होगा। शिक्षक और अभिभावक मिलकर यह भी समझेंगे कि बच्चा स्कूल में कैसा प्रदर्शन कर रहा है, उसकी उपस्थिति कैसी है और किन विषयों में उसे अतिरिक्त मदद की जरूरत है। प्री-प्राइमरी बच्चों को 1200 रुपये की सहायता से लेकर PTM और स्कूलों के कायाकल्प तक, शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे ये बदलाव बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए अहम माने जा रहे हैं।
Teachers Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें

New Delhi: भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day 2026) मनाया जाता है। यह दिन देश के महान शिक्षक, दार्शनिक और दूसरे राष्ट्रपति, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का प्रतीक है। हालांकि दुनिया भर में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है, लेकिन भारत में 5 सितंबर का दिन खास महत्व रखता है। शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक है शिक्षक दिवस डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि राष्ट्र-निर्माण में शिक्षकों (Teachers Day 2026) की अहम भूमिका होती है। जब उनके चाहने वालों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई, तो उन्होंने अनुरोध किया कि इसे व्यक्तिगत उत्सव के बजाय शिक्षकों के सम्मान के दिन के रूप में मनाया जाए। नतीजतन भारत में 1962 में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। शिक्षक दिवस के बारे में 10 खास बातें जीवन को आकार देने में शिक्षकों की अहम भूमिका शिक्षक हमारे जीवन में मार्गदर्शक (Teachers Day 2026) की भूमिका निभाते हैं। जहां माता-पिता हमें जीवन देते हैं, वहीं शिक्षक हमें सही रास्ता दिखाते हैं। शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ, वे अनुशासन, मूल्यों और आत्मविश्वास का पाठ भी पढ़ाते हैं। शिक्षक दिवस हमें उन सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर देता है जिन्होंने अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से लाखों लोगों का जीवन बेहतर बनाया है। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।
School Holiday: सितंबर में छुट्टियों की बंपर भरमार! जन्माष्टमी से गणेश चतुर्थी तक, जानें कब-कब बंद रहेंगे स्कूल

New Delhi: सितंबर का महीना बच्चों और माता-पिता के लिए छुट्टियों (School Holiday in September) से भरा रहने वाला है। चूंकि कई बड़े त्योहार रविवार को पड़ रहे हैं, इसलिए परिवार बाहर घूमने या यात्रा की योजना बना सकते हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार महीने की शुरुआत (School Holiday in September) में मनाया जाएगा। कई स्कूलों में जन्माष्टमी के कारण 4 सितंबर, 2026 को छुट्टी रहेगी। सितंबर में स्कूल बंद रहने की तारीखें स्कूल की छुट्टियों की संभावित सूची के अनुसार: 4 सितंबर, 2026: श्री कृष्ण जन्माष्टमी5 सितंबर, 2026: शिक्षक दिवस6 सितंबर, 2026: रविवार13 सितंबर, 2026: रविवार14 सितंबर, 2026: हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी20 सितंबर, 2026: रविवार25 सितंबर, 2026: अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन27 सितंबर, 2026: रविवार अक्टूबर और नवंबर में लंबी छुट्टियां सितंबर के बाद अक्टूबर और नवंबर में (School Holiday in September) विभिन्न त्योहारों के कारण कई छुट्टियां होंगी। अक्टूबर में गांधी जयंती, दशहरा और महर्षि वाल्मीकि जयंती जैसे अवसरों पर छुट्टियां होंगी। वहीं, नवंबर में दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती के लिए स्कूल बंद रह सकते हैं। स्कूल कैलेंडर देखें हालांकि, छुट्टियों (School Holiday in September) की अंतिम सूची राज्य सरकारों और अलग-अलग स्कूलों द्वारा जारी आधिकारिक कैलेंडर के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए, माता-पिता और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले अपने संबंधित स्कूलों से छुट्टियों के शेड्यूल की पुष्टि कर लें। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।
NITI Aayog Report: ‘डिग्री हाथ में, पर जेब खाली…’ नीति आयोग ने बताया क्यों ग्रेजुएट होने के बाद भी बेरोजगार हैं युवा

New Delhi: नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट (NITI Aayog Report) ने देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को लेकर कई अहम सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि BA, BSc और BCom जैसे पारंपरिक डिग्री कोर्स आज के जॉब मार्केट की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं हैं। पुराने सिलेबस के कारण डिग्री मिलने के बाद भी छात्रों को अक्सर नौकरी पाने में मुश्किल होती है। अपनी रिपोर्ट में, आयोग ने शिक्षा प्रणाली को ज्यादा रोजगार-उन्मुख और कौशल-आधारित बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। पुराने सिलेबस जरूरी कौशल सिखाने में नाकाम नीति आयोग के अनुसार, कई सामान्य डिग्री कोर्स (NITI Aayog Report) अभी भी पुराने सिलेबस के आधार पर चल रहे हैं। इन कोर्स को करने वाले छात्र अक्सर आज के उद्योगों के लिए जरूरी तकनीकी और व्यावहारिक कौशल नहीं सीख पाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ डिग्री हासिल करने से नौकरी की गारंटी नहीं मिलती; कंपनियां अब उम्मीदवारों में अतिरिक्त कौशल, अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता देती हैं। सरकारी नौकरी की पात्रता के लिए छात्र चुनते हैं कोर्स रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बड़ी संख्या में छात्र BA, BSc और BCom जैसे कोर्स चुनते हैं क्योंकि कई सरकारी नौकरियों के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी योग्यता होती है।नतीजतन कई छात्र डिग्री तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन नौकरी के लिए जरूरी कौशल विकसित नहीं कर पाते, जिससे डिग्री होने और नौकरी पाने के बीच का अंतर बढ़ जाता है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के सिलेबस में बदलाव की सिफारिश नीति आयोग ने शिक्षा प्रणाली (NITI Aayog Report) में सुधार के लिए कई सुझाव दिए हैं। आयोग ने कहा है कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से अपने सिलेबस को अपडेट करना चाहिए। रिपोर्ट में छात्रों को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के महत्व पर भी जोर दिया गया है ताकि वे नौकरी के लिए तैयार हो सकें। कौशल-आधारित और वोकेशनल कोर्स को शामिल करने पर जोर आयोग ने पारंपरिक डिग्री कोर्स में कौशल विकास, वोकेशनल ट्रेनिंग और रोजगार-उन्मुख विषयों को शामिल करने की सिफारिश की है। इससे छात्र सिर्फ डिग्री धारक बनने के बजाय नौकरी पाने लायक बन सकेंगे। नीति आयोग का मानना है कि बदलते जॉब मार्केट (NITI Aayog Report) के साथ तालमेल बिठाने के लिए शिक्षा प्रणाली में सुधार करना समय की जरूरत है। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।
Veterinary Officer: उत्तराखंड में पशु चिकित्सा अधिकारी के 25 पदों पर भर्ती, जानें कौन कर सकता है आवेदन

Veterinary Officer: उत्तराखंड में पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशु चिकित्सा अधिकारी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती के जरिए कुल 25 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद अगर फॉर्म में कोई गलती रह जाती है तो उम्मीदवारों को उसे ठीक करने का भी मौका मिलेगा। आवेदन में संशोधन के लिए विंडो 22 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी। किस योग्यता वाले उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन? (Veterinary Officer) पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन (B.V.Sc. & A.H.) में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। सरकार से मान्यता प्राप्त किसी संस्था की समकक्ष डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र हो सकते हैं। इसके साथ ही उम्मीदवार का उत्तराखंड पशु चिकित्सा परिषद में पंजीकृत होना जरूरी है। यानी केवल डिग्री होना ही पर्याप्त नहीं है, परिषद में रजिस्ट्रेशन की शर्त भी पूरी करनी होगी। 21 से 42 साल तक उम्र सीमा (Veterinary Officer) उम्मीदवार की उम्र 1 जुलाई 2026 को कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 166 रुपये शुल्क रखा गया है। एससी और एसटी वर्ग के उत्तराखंड के अभ्यर्थियों को 76.36 रुपये, जबकि पीएच वर्ग के उम्मीदवारों को 16.36 रुपये शुल्क देना होगा। ऐसे भरें ऑनलाइन फॉर्म (Veterinary Officer) उम्मीदवारों को आवेदन के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर Veterinary Officer Selection Examination-2026 के सामने दिए गए Apply विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पूरा करके व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करनी होगी। निर्धारित फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने के बाद अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें। सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। लिखित परीक्षा से होगा चयन (Veterinary Officer) इस भर्ती में उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक आने का इंतजार करने के बजाय पात्र उम्मीदवार समय रहते फॉर्म पूरा कर लें।
NEET PG का सबसे जरूरी अपडेट, 30 अगस्त को होनी है परीक्षा; एडमिट कार्ड में ये चीजें जरूर जांचें

NEET PG 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए अब इंतजार खत्म होने वाला है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने एडमिट कार्ड को लेकर नया अपडेट जारी किया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 25 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे। वहीं NEET PG 2026 परीक्षा का आयोजन 30 अगस्त 2026, रविवार को किया जाएगा। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी। इस बार परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी और उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड में शामिल होना होगा। आखिर क्यों बदली एडमिट कार्ड की तारीख? (NEET PG) NBEMS ने 24 अगस्त को जारी संशोधित नोटिस में एडमिट कार्ड की तारीख में बदलाव की जानकारी दी है। बोर्ड के मुताबिक कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के साथ असम और मेघालय से मिले अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए एडमिट कार्ड जारी करने का कार्यक्रम बदला गया। यानी जिन उम्मीदवारों को पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक एडमिट कार्ड मिलने का इंतजार था, उन्हें अब 25 अगस्त को इसे डाउनलोड करने का मौका मिलेगा। परीक्षा में कुछ ही दिन बाकी हैं, इसलिए एडमिट कार्ड मिलने के बाद उसे तुरंत डाउनलोड करके सभी जरूरी जानकारी जांच लेना बेहतर रहेगा। एडमिट कार्ड हाथ में आते ही ये जानकारी देखें (NEET PG) एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार सिर्फ अपना नाम देखकर इसे अलग न रखें। इसमें दर्ज हर जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है। नाम, रोल नंबर और आवेदन से जुड़ी जानकारी के साथ परीक्षा की तारीख और समय भी देख लें। इसके अलावा रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा केंद्र का पूरा पता जरूर जांचें। अगर किसी जानकारी में गलती नजर आती है तो NBEMS के निर्देशों के अनुसार संबंधित प्रक्रिया अपनानी होगी। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट पहले ही निकालकर रखना चाहिए। परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ मान्य पहचान पत्र और बोर्ड की ओर से निर्धारित अन्य जरूरी दस्तावेज ले जाना होगा। अब तैयारी में क्या करें? (NEET PG) NEET PG मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसके जरिए MD, MS और PG Diploma जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए पात्रता और रैंक तय की जाती है। परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में नए-नए टॉपिक शुरू करने के बजाय उम्मीदवारों के लिए रिवीजन पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। कमजोर विषयों को दोबारा पढ़ने के साथ मॉक टेस्ट देना और गलत सवालों की समीक्षा करना भी तैयारी को बेहतर बना सकता है। यहां से डाउनलोड होगा एडमिट कार्ड (NEET PG) एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार इसे NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध NEET PG 2026 सेक्शन से डाउनलोड कर सकेंगे। इसी सेक्शन में परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी, इंफॉर्मेशन बुलेटिन और अन्य अपडेट भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
Bihar Board: आज से खुला परीक्षा फॉर्म, 16 सितंबर के बाद नहीं मिलेगा मौका! देखें जरूरी तारीखें

Bihar Board: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 को लेकर परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख घोषित कर दी है। 10वीं और 12वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को 16 सितंबर 2026 तक अपने स्कूल या कॉलेज के माध्यम से फॉर्म भरना होगा। खास बात यह है कि विद्यार्थी खुद से ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे। आवेदन की पूरी प्रक्रिया संबंधित शिक्षण संस्थान के प्रधान के जरिए पूरी होगी। इसलिए आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय छात्रों को समय रहते अपने स्कूल से संपर्क करना होगा। स्कूल के जरिए ही जमा होगा फॉर्म (Bihar Board) बिहार बोर्ड के निर्देश के मुताबिक इंटरमीडिएट परीक्षा फॉर्म के लिए intermediate.biharboardonline.com और मैट्रिक परीक्षा के लिए exam.biharboardonline.org का इस्तेमाल स्कूल प्रमुख करेंगे। स्कूल के प्रधान वेबसाइट से परीक्षा फॉर्म डाउनलोड कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। छात्रों को फॉर्म की दो प्रतियां भरनी होंगी। एक कॉपी स्कूल में जमा होगी, जबकि दूसरी कॉपी पर प्रधान के हस्ताक्षर, मुहर और तारीख के बाद उसे विद्यार्थी को वापस दिया जाएगा। एक छोटी गलती भी पड़ सकती है भारी (Bihar Board) फॉर्म भरते समय छात्रों को अपनी जानकारी बेहद ध्यान से जांचनी होगी। नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, जाति और चुने गए विषय समेत सभी विवरण प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी से मिलाने होंगे। अगर किसी जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो आवेदन की तय अवधि के दौरान स्कूल के प्रधान के जरिए उसमें सुधार कराया जा सकता है। बोर्ड ने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना भी अनिवार्य किया है। एक विद्यार्थी के लिए एक मोबाइल नंबर और एक ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। फोटो और सिग्नेचर को लेकर भी नियम (Bihar Board) परीक्षा फॉर्म के साथ लगने वाली फोटो के लिए भी बोर्ड ने खास मानक तय किए हैं। रंगीन फोटो 35 एमएम × 30 एमएम की होनी चाहिए और जेपीजी/जेपीईजी फॉर्मेट में 50 से 100 केबी के बीच होनी चाहिए। फोटो का बैकग्राउंड सफेद या हल्का हरा होना चाहिए। वहीं सिग्नेचर की फाइल 10 से 20 केबी की और निर्धारित आकार 3.5 सेंटीमीटर × 1 सेंटीमीटर रखा गया है। हस्ताक्षर सफेद कागज पर नीली या काली स्याही से होना चाहिए। इंटर की फीस कितनी है? (Bihar Board) इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए नियमित आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स विद्यार्थियों की परीक्षा फीस 1430 रुपये रखी गई है। स्वतंत्र परीक्षार्थियों के लिए यह फीस 1770 रुपये है, जबकि क्वालीफाइंग विद्यार्थियों के लिए 2110 रुपये निर्धारित किए गए हैं। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के नियमित विद्यार्थियों को 1830 रुपये और स्वतंत्र विद्यार्थियों को 2170 रुपये जमा करने होंगे। 16 सितंबर है आखिरी मौका (Bihar Board) बिहार बोर्ड ने साफ किया है कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए फॉर्म और फीस जमा करने की समय सीमा 25 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक है। छात्रों को इस अवधि के भीतर स्कूल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी होगी।