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RRB Section Controller Syllabus: 12-13 अक्टूबर को होगी सीबीटी परीक्षा, ऐसे करें तैयारी

Railway Bharti 2026

New Delhi: रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित RRB सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा 2026 (RRB Section Controller Syllabus) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी अपडेट है। रेलवे सेक्शन कंट्रोलर भर्ती के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) 12 और 13 अक्टूबर 2026 को देश भर के तय परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। परीक्षा में कम समय बचा है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी तैयारी तेज कर दें। सिलेबस के आधार पर आखिरी समय की तैयारी पर ध्यान दें परीक्षा से पहले के आखिरी दिनों में, उम्मीदवारों (RRB Section Controller Syllabus) के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी तैयारी को सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के अनुसार करें। इस तरीके से कम समय में जरूरी विषयों को अच्छे से कवर किया जा सकता है और गैर-जरूरी विषयों पर समय बर्बाद होने से बचा जा सकता है। RRB सेक्शन कंट्रोलर परीक्षा पैटर्न 2026 रेलवे सेक्शन कंट्रोलर CBT में कुल 100 मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। उम्मीदवारों (RRB Section Controller Syllabus) को पेपर पूरा करने के लिए 120 मिनट (2 घंटे) मिलेंगे। हर सही जवाब के लिए एक अंक दिया जाएगा, जबकि हर गलत जवाब के लिए 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी। परीक्षा में तीन मुख्य विषयों से सवाल पूछे जाएंगे: एनालिटिकल और गणितीय क्षमता: 60 सवाललॉजिकल क्षमता: 20 सवालमेंटल रीजनिंग: 20 सवाल एनालिटिकल और गणितीय क्षमता के लिए सिलेबस इस सेक्शन में गणित और डेटा एनालिसिस (RRB Section Controller Syllabus) से जुड़े सवाल शामिल होंगे। गणित के विषयों में नंबर सिस्टम, अनुपात और समानुपात, औसत, प्रतिशत, लाभ-हानि और छूट, समय-गति-दूरी, काम और समय, बीजगणित, रैखिक समीकरण, अंकगणितीय प्रगति, LCM, HCF, ज्यामिति, क्षेत्रफल, आयतन, प्रायिकता और सांख्यिकी शामिल हैं। इसके अलावा, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन सेक्शन में, उम्मीदवारों को टेबल, ग्राफ, चार्ट, पाई चार्ट, स्कैटर प्लॉट, सांख्यिकीय वितरण, वेन आरेख आदि के जरिए दिखाए गए डेटा का विश्लेषण करना होगा। लॉजिकल क्षमता में शामिल विषय लॉजिकल क्षमता सेक्शन उम्मीदवारों की सोचने और विश्लेषण (RRB Section Controller Syllabus) करने की क्षमता को परखेगा। इस सेक्शन में बाइनरी लॉजिक, सिलोगिज्म, घड़ी और कैलेंडर, धारणाएं, रक्त संबंध, परिवार के पेड़ और लॉजिकल पहेलियों पर सवाल शामिल होंगे। इसके अलावा, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन हिस्से में अंग्रेजी भाषा के पैसेज पर आधारित सवाल होंगे, जिनमें इतिहास, समाज, साहित्य, विज्ञान, पर्यावरण, तकनीक और संस्कृति जैसे विषय शामिल होंगे। मानसिक तर्क से जुड़े सवाल मानसिक तर्क सेक्शन में, उम्मीदवारों को एनालॉजी (समानता), सीरीज पूरी करने, कोडिंग-डिकोडिंग और रैंकिंग व अरेंजमेंट पर आधारित सवालों (RRB Section Controller Syllabus) का सामना करना होगा। यह सेक्शन तत्वों के बीच संबंध पहचानने, नंबर सीरीज में पैटर्न समझने और लॉजिक का इस्तेमाल करके समस्याओं को हल करने की उम्मीदवारों की क्षमता को परखेगा। परीक्षा से पहले ध्यान रखने योग्य बातें उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से ठीक पहले नए टॉपिक (RRB Section Controller Syllabus) शुरू करने के बजाय पहले पढ़े गए टॉपिक को दोहराएं। मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों से अभ्यास करने से परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन में सुधार हो सकता है। रेलवे सेक्शन कंट्रोलर CBT में सफलता के लिए सटीकता और गति, दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण होंगी। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।

MP Scholarship 2026: अब पढ़ाई के लिए पैसों की टेंशन होगी कम! मजदूरों के मेधावी बच्चों को हर महीने मिलेंगे 7,500

MP Scholarship 2026: मध्य प्रदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार ऐसी छात्रवृत्ति योजना लाने जा रही है, जिसके तहत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान हर महीने 7,500 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इस सहायता का इस्तेमाल सिर्फ कॉलेज की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी किया जा सकेगा। सरकार ने तैयार किया योजना का ड्राफ्ट मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना शुरू करने की तैयारी है। योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुताबिक सरकार इसे इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की योजना बना रही है। शुरुआत में सीमित विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद देखा जाएगा कि छात्रों को इसका कितना फायदा मिल रहा है। ₹7,500 से क्या-क्या कर सकेंगे? (MP Scholarship 2026) योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता का इस्तेमाल विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। इसमें ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल, आने-जाने का खर्च और अन्य शैक्षणिक जरूरतें शामिल हैं। इसके अलावा NEET, JEE और CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए कोचिंग फीस में भी यह राशि काम आ सकेगी। यानी सरकार की कोशिश सिर्फ आर्थिक मदद देने की नहीं, बल्कि छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर की तैयारी में सहारा देने की है। पहले चरण में 600 छात्रों को मिलेगा लाभ (MP Scholarship 2026) योजना की शुरुआत करीब 600 मेधावी विद्यार्थियों से करने की तैयारी है। इनमें 100 बच्चों को श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से शामिल किए जाने की बात कही गई है। सरकार पहले चरण को एक तरह से परीक्षण के तौर पर देख रही है। अगर योजना से विद्यार्थियों को अच्छा लाभ मिलता है, तो भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और पात्रता के नियमों में बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है। 10वीं में 80 फीसदी अंक जरूरी इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। विद्यार्थी का नियमित छात्र होना जरूरी होगा और 10वीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक होने चाहिए। पढ़ाई मध्य प्रदेश बोर्ड या CBSE से होना जरूरी बताया गया है। साथ ही माता-पिता का संबंधित निर्माण श्रमिक बोर्ड में पंजीकरण होना चाहिए। श्रमिक के लिए निर्धारित अवधि तक पंजीकरण और कम से कम 90 दिन काम करने की शर्त भी लागू होगी। विद्यार्थी की उम्र 14 से 19 वर्ष के बीच रखी गई है। मेरिट से चयन, छात्राओं के लिए 20% सीटें पात्र विद्यार्थियों में चयन MP Board और CBSE की संयुक्त मेरिट के आधार पर किया जाएगा। शुरुआती व्यवस्था के अनुसार हर साल अधिकतम 500 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें 20 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी। सिर्फ 10वीं के अंकों से ही बात खत्म नहीं होगी। योजना में चयन के बाद सहायता जारी रखने के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। यानी छात्रवृत्ति पाने के साथ पढ़ाई में प्रदर्शन बनाए रखना भी जरूरी होगा।

अब इंतजार खत्म! SSC CGL 2026 Tier-1 की तारीख घोषित, तैयारी के लिए बचे हैं गिने-चुने दिन

New Delhi: SSC CGL 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के Tier-1 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। जारी शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। परीक्षा देशभर में बनाए गए अलग-अलग केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में कई शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद अब अभ्यर्थियों के पास अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए सीमित समय बचा है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने SSC CGL 2026 के लिए आवेदन किया है, उनके लिए रिवीजन और मॉक टेस्ट पर फोकस करना काफी अहम हो गया है। 12 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती SSC CGL 2026 को केंद्र सरकार की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में गिना जाता है। इस भर्ती के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में Group B और Group C के पदों को भरा जाता है। इस बार कुल 12,256 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। भर्ती में Assistant Section Officer, Inspector, Sub-Inspector, Junior Statistical Officer (JSO) और Auditor समेत कई पद शामिल हैं। पदों की संख्या अच्छी होने के बावजूद उम्मीदवारों की बड़ी संख्या के कारण प्रतियोगिता कड़ी रहने की उम्मीद है। Tier-1 के बाद Tier-2 का नंबर SSC CGL 2026 चयन प्रक्रिया में Tier-1 पहला बड़ा चरण होगा। यह परीक्षा CBT मोड में आयोजित की जाएगी। Tier-1 में सफल होने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के तहत Tier-2 परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। जानकारी के मुताबिक Tier-2 परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित की जानी है। इसलिए Tier-1 के बाद भी अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी जारी रखनी होगी। कब मिलेगी Exam City और Admit Card की जानकारी? अभ्यर्थियों की नजर अब एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड पर है। तय प्रक्रिया के अनुसार परीक्षा से करीब 7 से 10 दिन पहले SSC की वेबसाइट पर Exam City और Date Intimation Slip जारी की जा सकती है। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा शहर और तारीख की जानकारी मिलेगी। इसके बाद परीक्षा से लगभग 4 दिन पहले फाइनल एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन संबंधी विवरण के जरिए इसे डाउनलोड कर सकेंगे।

Cricket Scorer: क्रिकेट का हर रन और विकेट यूं ही दर्ज नहीं होता, जानिए कौन रखता है खिलाड़ियों के रिकॉर्ड का पूरा हिसाब

Cricket Scorer: क्रिकेट मैच देखते समय हमारी नजर आमतौर पर बल्लेबाज के चौके-छक्कों और गेंदबाज के विकेट पर रहती है। लेकिन मैदान पर होने वाली हर गेंद की कहानी कहीं दर्ज भी हो रही होती है। किस गेंद पर कितने रन आए, कौन आउट हुआ, गेंदबाज ने कितने ओवर डाले और टीम का स्कोर किस स्थिति में पहुंचा, इन सबका रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी एक खास प्रोफेशनल की होती है, जिसे क्रिकेट स्कोरर कहा जाता है। आज क्रिकेट में आंकड़ों की अहमियत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्कोरर का काम सिर्फ स्कोर लिखने तक सीमित नहीं रह गया है। अगर आपको क्रिकेट पसंद है, गणित में पकड़ है और मैच के दौरान हर छोटी जानकारी पर नजर रखने की आदत है, तो यह आपके लिए एक अलग करियर विकल्प हो सकता है। क्रिकेट स्कोरर आखिर करता क्या है? क्रिकेट स्कोरर (Cricket Scorer) मैच के दौरान होने वाली लगभग हर महत्वपूर्ण घटना को रिकॉर्ड करता है। बल्लेबाज ने कितने रन बनाए, किस गेंद पर चौका या छक्का लगा, विकेट कब गिरा, गेंदबाज ने कितने ओवर किए और टीम का स्कोर क्या है, इन सभी जानकारियों को सही तरीके से दर्ज करना होता है। इसके लिए क्रिकेट के नियमों की समझ बेहद जरूरी है। साथ ही स्कोरर को गणित और अंग्रेजी की भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए। स्ट्राइक रेट, बल्लेबाजी औसत, गेंदबाजी औसत, जरूरी रन और नेट रन रेट जैसी चीजों को समझना इस काम का हिस्सा है। ऑफिशियल स्कोरर बनने का रास्ता क्या है? अगर कोई व्यक्ति इसे करियर बनाना चाहता है तो शुरुआत स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन से की जा सकती है। आमतौर पर स्थानीय स्तर पर स्कोरिंग से जुड़ी परीक्षा और ट्रेनिंग के जरिए आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है। स्थानीय स्तर की परीक्षा पास करने के बाद राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा देनी होती है। राज्य स्तर की परीक्षा में तय मानदंड पूरा करने के बाद ही BCCI के स्कोरर एग्जाम में बैठने का मौका मिलता है। दी गई जानकारी के अनुसार राज्य स्तर पर 80 फीसदी अंक हासिल करना BCCI परीक्षा के लिए पात्रता का एक जरूरी चरण है। इसके अलावा ICC की ओर से भी स्कोरिंग और क्रिकेट से जुड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स और कुछ निजी संस्थानों से भी संबंधित कोर्स किए जा सकते हैं। मैच के हिसाब से होती है कमाई क्रिकेट स्कोरर (Cricket Scorer) की कमाई हर जगह एक जैसी नहीं होती। कई मामलों में उन्हें महीने की तय सैलरी के बजाय मैच या दिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक BCCI के स्टेट पैनल स्कोरर को एक मैच के लिए करीब 3,000 रुपये मिल सकते हैं। घरेलू मैचों के लिए करीब 15,000 रुपये प्रतिदिन और टेस्ट मैचों के लिए भी लगभग 15,000 रुपये प्रतिदिन का भुगतान बताया गया है। टेस्ट मैच पांच दिन से पहले खत्म होने पर भी भुगतान पांच दिनों के आधार पर किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा DA यानी दैनिक भत्ता भी मिल सकता है। अब डेटा एनालिस्ट की भी बढ़ी मांग क्रिकेट में सिर्फ स्कोरर ही आंकड़ों से जुड़ा काम नहीं करते। आधुनिक क्रिकेट में डेटा एनालिस्ट की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण हो गई है। IPL जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी के आंकड़ों, विपक्षी टीम की कमजोरियों और टीम कॉम्बिनेशन को समझने के लिए डेटा का इस्तेमाल किया जाता है। डेटा एनालिस्ट पुराने प्रदर्शन को देखकर खिलाड़ी की ताकत और कमजोरी पहचानने में मदद करते हैं। खिलाड़ियों के वर्कलोड, मूवमेंट और पुराने इंजरी रिकॉर्ड जैसे आंकड़ों का विश्लेषण करके संभावित चोट के जोखिम को समझने की कोशिश भी की जाती है।

BRICS Summit 2026: दिल्ली में 11 सितंबर को स्कूल रहेंगे बंद, लेकिन NCR के बच्चों की छुट्टी पर अभी भी सस्पेंस!

BRICS Summit 2026: दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS Summit को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी में विदेशी मेहमानों और कई बड़े नेताओं के पहुंचने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। इसी बीच दिल्ली के स्कूली छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को दिल्ली के सभी स्कूल बंद रहेंगे। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 11 सितंबर को बंद रहेंगे। शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले कार्यालयों को भी इस दिन बंद रखने का फैसला किया गया है। यानी दिल्ली में पढ़ने वाले बच्चों को शुक्रवार को स्कूल जाने की जरूरत नहीं होगी। 12 और 13 सितंबर को होगा BRICS Summit 2026 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा कई प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा जांच और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में स्कूल बंद रखने का फैसला भीड़ और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद कर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल- क्या NCR में भी छुट्टी? दिल्ली में स्कूल बंद होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अभिभावकों के मन में भी यही सवाल है कि क्या BRICS Summit के चलते वहां भी स्कूलों की छुट्टी होगी? फिलहाल दिल्ली में जारी छुट्टी का आदेश पूरे NCR पर लागू नहीं माना जा सकता। इसकी वजह यह है कि NCR में आने वाले शहर अलग-अलग राज्यों और जिला प्रशासन के अंतर्गत आते हैं। इसलिए नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम या फरीदाबाद में स्कूल बंद करने का फैसला संबंधित राज्य सरकार, जिला प्रशासन या स्थानीय प्राधिकरण के आदेश पर ही होगा। नोएडा और गाजियाबाद के छात्र क्या करें? अगर आपका बच्चा नोएडा या गाजियाबाद के किसी स्कूल में पढ़ता है तो दिल्ली की छुट्टी देखकर खुद से स्कूल न जाने का फैसला न करें। अपने स्कूल की ओर से जारी नोटिस या संबंधित जिला प्रशासन की सूचना जरूर देखें। नोएडा में 9 सितंबर को स्थानीय कार्यक्रम के कारण स्कूल बंद रहे थे, लेकिन उस छुट्टी को BRICS Summit से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इसलिए अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे नए आदेश का इंतजार करें और किसी सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर फैसला न लें। दिल्ली में ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर BRICS Summit 2026 की वजह से सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि दिल्ली का ट्रैफिक भी प्रभावित होने की संभावना है। 11 से 13 सितंबर के बीच कई महत्वपूर्ण रास्तों पर सुरक्षा जांच, प्रतिबंध और डायवर्जन देखने को मिल सकते हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या किसी जरूरी काम से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक दबाव से बचने के लिए जरूरत के मुताबिक मेट्रो का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। फिलहाल दिल्ली के छात्रों के लिए छुट्टी साफ है, लेकिन NCR के बाकी शहरों के बच्चों के लिए तस्वीर स्थानीय आदेश आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

SSC CPO SI Recruitment 2026: 1871 पदों पर खुला बड़ा मौका, ग्रेजुएट हैं तो सपना हो सकता है पूरा

SSC CPO SI Recruitment 2026: 1871 पदों पर भर्ती सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। SSC CPO SI Recruitment 2026 के जरिए कुल 1871 पद भरे जाएंगे। खास बात यह है कि मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। 30 सितंबर तक करना होगा आवेदन SSC CPO SI 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 रात 11 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं परीक्षा शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है। अगर आवेदन में कोई गलती हो जाती है तो उम्मीदवारों को 8 और 9 अक्टूबर को उसमें सुधार करने का मौका मिलेगा। दिल्ली पुलिस और CAPF में मिलेगी पोस्टिंग इस भर्ती के तहत दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सब इंस्पेक्टर के पदों पर नियुक्ति होगी। उम्मीदवारों का चयन SSC की तय परीक्षा प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? SI पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में बैचलर डिग्री होना जरूरी है। यानी आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस समेत किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने वाले युवा आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की शर्त भी लागू है। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार को आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता और सभी शर्तें जरूर देख लेनी चाहिए। उम्र सीमा और फीस कितनी है? (SSC CPO SI Recruitment 2026) अगस्त 2026 के अनुसार उम्मीदवार की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के मुताबिक अधिकतम उम्र सीमा में छूट मिलेगी। आवेदन शुल्क की बात करें तो General, OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए फीस 100 रुपये है। वहीं SC, ST, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है। आवेदन में सुधार के लिए पहली बार 200 रुपये और दूसरी बार 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर CPO SI Recruitment 2026 का आवेदन लिंक खोल सकते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पूरा करके लॉगिन करना होगा। आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरने के साथ जरूरी दस्तावेज, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने होंगे। फीस लागू होने पर उसका भुगतान करके फॉर्म सबमिट करना होगा। सबमिट करने से पहले पूरी जानकारी एक बार जरूर जांच लें।

UP PET 2026: परीक्षा कार्यक्रम का हुआ ऐलान, जल्द डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड

UP PET 2026_ Exam Schedule

Lucknow: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा UP PET 2026 का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट है। आयोग द्वारा परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ ही अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। UP PET 2026 में लगभग 26 लाख अभ्यर्थी लेंगे परीक्षा में हिस्सा इस बार की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा UP PET 2026 में राज्यभर से भारी संख्या में युवाओं ने पंजीकरण कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पीईटी 2026 में लगभग 26 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण आयोग द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है UP PET 2026 का शेड्यूल जिन उम्मीदवारों ने इस वर्ष UP PET 2026 के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया है, वे उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा परीक्षा कार्यक्रम देख और डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़ा पूरा शेड्यूल पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को अपनी आगे की रणनीति तय करने में आसानी होगी। जल्द जारी होंगे UP PET 2026 का प्रवेश पत्र परीक्षा की तारीखों के ऐलान के बाद अब उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड का बेसब्री से इंतजार है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, UP PET 2026 के प्रवेश पत्र जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाने की पूरी उम्मीद है। प्रवेश पत्र जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करके इसे ऑनलाइन डाउनलोड कर पाएंगे। परीक्षा हॉल में प्रवेश पाने के लिए एडमिट कार्ड और एक वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों के लिए तैयारी तेज करने की सलाह UP PET 2026 परीक्षा की तिथियां नजदीक आने के कारण विशेषज्ञों और आयोग ने सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की गति को और तेज करने की सलाह दी है। सीमित समय को ध्यान में रखते हुए रिविजन, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे मुख्य परीक्षा के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। निष्कर्ष अगर आप इन पदों में आवेदन करने के लिए इच्छुक है तो फटाफट आवेदन कर लें क्योंकि Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको समय पर सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चूकें और हमेशा सफल रहे।

IGNOU Admission: सिर्फ 1 साल में पत्रकारिता की पढ़ाई! जानिए कौन कर सकता है आवेदन

IGNOU Admission: अगर आप पत्रकारिता या मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, लेकिन लंबी अवधि के कोर्स की वजह से फैसला नहीं कर पा रहे हैं, तो IGNOU का नया एडमिशन आपके लिए काम की खबर है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने MA Journalism and Mass Communication प्रोग्राम में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी अवधि है। यह मास्टर प्रोग्राम एक साल में पूरा किया जा सकता है। इतना ही नहीं, छात्रों को पढ़ाई के लिए रोजाना कॉलेज जाने की जरूरत भी नहीं होगी, क्योंकि यह कोर्स Open Distance Learning यानी ODL मोड में संचालित किया जाएगा। हिंदी या अंग्रेजी, अपनी पसंद से पढ़ाई (IGNOU Admission) IGNOU का MA Journalism and Mass Communication प्रोग्राम हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में उपलब्ध है। इसका संचालन विश्वविद्यालय के School of Journalism and New Media Studies के तहत किया जाता है। पत्रकारिता, मास कम्युनिकेशन और न्यू मीडिया में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह कोर्स खास हो सकता है। खासकर वे विद्यार्थी जो नौकरी या दूसरी जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उनके लिए डिस्टेंस लर्निंग का विकल्प सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन हर ग्रेजुएट नहीं ले सकता एडमिशन यहां सबसे जरूरी बात योग्यता की है। इस प्रोग्राम में दाखिले के लिए उम्मीदवार के पास चार साल की ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा चार वर्षीय ऑनर्स डिग्री विद रिसर्च वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। यानी सिर्फ किसी भी तीन वर्षीय ग्रेजुएशन के आधार पर सीधे पात्र मान लेना सही नहीं होगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक बैकग्राउंड और मौजूदा एडमिशन नियमों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचनी चाहिए। एडमिशन के लिए कहां और कैसे करें आवेदन? इच्छुक उम्मीदवार IGNOU के ODL Admission Portal के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले नया रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। अकाउंट बनने के बाद लॉगिन करके MA Journalism and Mass Communication (MAJMCOY) प्रोग्राम का चयन करना होगा। इसके बाद आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक विवरण भरना होगा। फॉर्म के साथ मांगे गए जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। इसके बाद निर्धारित फीस का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। IGNOU के अनुसार फीस जमा करने के लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और UPI जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। फॉर्म भरते समय एक गलती पड़ सकती है भारी (IGNOU Admission) आवेदन सबमिट करने से पहले उम्मीदवारों को फॉर्म में भरी हर जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए। नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक जानकारी और दस्तावेजों में किसी तरह की गलती आगे परेशानी पैदा कर सकती है। फॉर्म जमा होने के बाद आवेदन से जुड़ी जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर मिल सकती है। उम्मीदवारों को अपने आवेदन की स्थिति भी समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए। पत्रकारिता में करियर का रास्ता हो सकता है आसान डिजिटल मीडिया के बढ़ते दौर में पत्रकारिता का क्षेत्र अब सिर्फ अखबार और टीवी तक सीमित नहीं है। डिजिटल न्यूज, सोशल मीडिया, कंटेंट और न्यू मीडिया ने इस क्षेत्र में काम के कई नए रास्ते खोले हैं। ऐसे में IGNOU का एक वर्षीय MA Journalism and Mass Communication प्रोग्राम उन छात्रों के लिए एक विकल्प हो सकता है, जो कम समय में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। हालांकि आवेदन से पहले कोर्स की फीस, पात्रता, अंतिम तारीख और अन्य नियम IGNOU के आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचें।

Railway University Admission: PM मोदी ने जिस यूनिवर्सिटी का किया जिक्र, जानिए एडमिशन का पूरा रास्ता

Railway University Admission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वड़ोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान देश के ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े विकास का जिक्र करते हुए गति शक्ति विश्वविद्यालय की भी चर्चा की। इसके बाद से इस खास यूनिवर्सिटी को लेकर छात्रों की दिलचस्पी बढ़ गई है। खास बात यह है कि यह संस्थान सामान्य यूनिवर्सिटी (Railway University Admission:) से अलग है और रेलवे, परिवहन, लॉजिस्टिक्स समेत इससे जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई और करियर के अवसरों पर खास फोकस करता है। वड़ोदरा स्थित इस संस्थान को पहले नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट (NRTI) के नाम से जाना जाता था। बाद में इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसका नाम गति शक्ति विश्वविद्यालय (Gati Shakti Vishwavidyalaya) कर दिया गया। रेलवे से लेकर लॉजिस्टिक्स तक पढ़ाई गति शक्ति विश्वविद्यालय में छात्रों को इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट से जुड़े कई विकल्प मिलते हैं। यहां बीटेक, बीबीए, एमबीए, एमटेक और पीएचडी स्तर के प्रोग्राम उपलब्ध हैं। बीटेक में सिविल इंजीनियरिंग जैसे विषय शामिल हैं। वहीं एमटेक में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रेलवे इंजीनियरिंग, ब्रिज एंड टनल इंजीनियरिंग तथा रोड्स एंड हाईवे इंजीनियरिंग जैसे विशेष क्षेत्रों पर पढ़ाई कराई जाती है। मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी यहां कई अलग विकल्प हैं। एमबीए में लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन, मेट्रो रेल मैनेजमेंट, एविएशन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट और डिजिटल मैरीटाइम जैसे क्षेत्र शामिल हैं। BTech के लिए कौन कर सकता है आवेदन? अगर आप यहां से बीटेक करना चाहते हैं तो 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स होना जरूरी है। इसके साथ केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या टेक्निकल वोकेशनल विषयों में से कोई एक विषय होना चाहिए। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल की शर्त बताई गई है। एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 65 प्रतिशत है। इसके अलावा बीटेक में प्रवेश के लिए JEE Main में शामिल होना और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। JEE Main के बाद ऐसे मिलेगा एडमिशन बीटेक में प्रवेश की प्रक्रिया JEE Main से शुरू होती है। परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर उम्मीदवार JoSAA या CSAB काउंसलिंग में हिस्सा लेते हैं। इसके लिए संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। काउंसलिंग के दौरान छात्र अपनी पसंद के संस्थान और कोर्स का विकल्प भर सकते हैं। रैंक, कैटेगरी और उपलब्ध सीट के आधार पर सीट अलॉटमेंट होता है। सीट मिलने के बाद जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने और निर्धारित फीस का भुगतान करना होता है। इसके बाद एडमिशन की आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए छात्रों को वड़ोदरा कैंपस में रिपोर्ट करना पड़ सकता है। छात्रों के लिए क्यों खास है यह यूनिवर्सिटी? गति शक्ति विश्वविद्यालय (Railway University Admission:) की खासियत इसका परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर केंद्रित होना है। रेलवे के साथ-साथ रोड, मेट्रो, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को ध्यान में रखकर यहां पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। यही वजह है कि इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के ऐसे छात्र, जो ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह संस्थान एक अलग विकल्प बनकर सामने आया है।

NIOS Hall Ticket: प्रैक्टिकल परीक्षा के एडमिट कार्ड हुए जारी, 10वीं और 12वीं के छात्र ऐसे तुरंत करें डाउनलोड

New Delhi: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) ने अक्टूबर/नवंबर 2026 में होने वाली क्लास 10 और क्लास 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड (NIOS Hall Ticket) जारी कर दिए हैं। जिन छात्रों ने जरूरी फीस के साथ अपने एप्लीकेशन फॉर्म जमा किए थे, वे अब 2026 के लिए अपने NIOS क्लास 10/12 प्रैक्टिकल एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। छात्र NIOS की ऑफिशियल वेबसाइट या संबंधित पोर्टल से अपने एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। प्रैक्टिकल परीक्षाएं 14 सितंबर से 29 सितंबर तक होंगी NIOS द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, अक्टूबर 2026 की सेकेंडरी (क्लास 10) और सीनियर सेकेंडरी (क्लास 12) पब्लिक परीक्षाओं के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 14 सितंबर 2026 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित (NIOS Hall Ticket) की जाएंगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं देश और विदेश में तय किए गए AI (मान्यता प्राप्त संस्थानों) या प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। NIOS प्रैक्टिकल एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं: एडमिट कार्ड में परीक्षा की पूरी जानकारी होगी NIOS के अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखों से जुड़ी जानकारी एडमिट कार्ड (NIOS Hall Ticket) के साथ दी जाएगी। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को उस पर दिए गए परीक्षा केंद्र, तारीख और अन्य जरूरी जानकारी को ध्यान से देखना चाहिए। परीक्षा से पहले जरूरी निर्देश छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड (NIOS Hall Ticket) की प्रिंटेड कॉपी के साथ समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचें। उम्मीदवार परीक्षा से जुड़ी किसी भी अपडेट या जानकारी के लिए NIOS की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।