NCERT की पॉलिटिकल साइंस किताबें बदलेंगी! नई टीम में इन नामों से गरमाई चर्चा, जानिए क्या होगा नया

New Delhi: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 20 सदस्यों वाली टीम का पुनर्गठन किया गया है। इस टीम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) के हिसाब से पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने और नई किताबें तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे टीम की अगुवाई नई समिति की अध्यक्षता निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के वाइस प्रेसिडेंट और अकादमिक एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे। डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। इनका काम टीम और NCERT के बीच औपचारिक संवाद बनाए रखना और बैठकों के साथ-साथ प्रकाशन से जुड़े नियमों की जानकारी सदस्यों तक पहुंचाना होगा। कुछ सदस्यों के RSS और ABVP से जुड़ाव का दावा नई टीम के गठन के बाद इसके कुछ सदस्यों की पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। उपलब्ध दावों के अनुसार, 20 सदस्यीय समिति में कम से कम चार ऐसे नाम हैं, जिनके RSS, ABVP या उनसे जुड़े संगठनों के साथ संबंध बताए गए हैं। इनमें शिक्षा मंत्रालय की नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे का नाम शामिल है। ABVP के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह महाराष्ट्र में संगठन के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण क्षेत्र में संगठन सचिव की भूमिका निभा चुके हैं। पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के टीचर एजुकेशन सेंटर एंड रिसर्च प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. प्रशांत दिवेकर भी समिति में हैं। इसके अलावा JNU की प्रोफेसर वंदना मिश्रा और JNU के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि रमेश चंद्र शुक्ला के संबंधों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पहले 11वीं की किताब होगी तैयार NCERT ने किताबों को तैयार करने के लिए समयसीमा भी तय की है। योजना के मुताबिक कक्षा 11वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई किताब 30 नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद कक्षा 12वीं की किताब को 30 जुलाई 2027 तक पूरा करने की समयसीमा रखी गई है। नई पाठ्यपुस्तकों में NEP 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किए जा रहे बदलावों को शामिल किया जाएगा। समिति में विश्वविद्यालयों, कानून संस्थानों, ओपन लर्निंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ और शिक्षक शामिल हैं। भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रहेगा खास ध्यान नई किताबों में भारतीय ज्ञान प्रणाली यानी Indian Knowledge System को एक प्रमुख विषय के रूप में जगह देने की योजना है। इसके साथ सांस्कृतिक जुड़ाव, समानता, समावेशन, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और सूचना एवं संचार तकनीक जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। समिति को NCERT के भारतीय ज्ञान प्रणाली, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों से जुड़े समूहों के साथ चर्चा करनी होगी। हर अध्याय में इन पहलुओं को किस तरह जोड़ा गया है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। सीधे नहीं छपेंगी नई किताबें नई किताबें तैयार होने के बाद उन्हें तुरंत छात्रों के लिए जारी नहीं किया जाएगा। पहले लेखन, विषयवस्तु की समीक्षा, भाषा संपादन और अलग-अलग विषयों के बीच तालमेल की प्रक्रिया पूरी होगी। तैयार अध्याय पूरी टीम के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद टेक्स्टबुक कोर ग्रुप और NCERT की संबंधित समितियां इनकी समीक्षा करेंगी। जरूरी बदलावों के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर किसी विशेष अध्याय के लिए बाहरी विशेषज्ञ, शिक्षक, इलस्ट्रेटर या डिजाइनर की मदद भी ली जा सकती है।
Railway Vacancy 2026: रेलवे ने 10वीं पास युवाओं के लिए खोल दिया बड़ा मौका, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती

New Delhi: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रेलवे (Railway Vacancy 2026) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। इंडियन रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में अप्रेंटिस के 1010 पदों पर भर्ती का मौका दिया गया है। खास बात यह है कि इस भर्ती में उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। चयन 10वीं के अंकों के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। फ्रेशर्स भी कर सकते हैं आवेदन (Railway Vacancy 2026) इस भर्ती की सबसे खास बात उन युवाओं के लिए है, जिनके पास अभी किसी नौकरी का अनुभव नहीं है। अप्रेंटिसशिप के जरिए उन्हें रेलवे के कामकाज से जुड़कर ट्रेनिंग और अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। भर्ती में फ्रेशर्स के साथ एक्स-आईटीआई उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवार इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में दी गई योग्यता और उम्र से जुड़ी शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी होगा। 10वीं के नंबर बन सकते हैं चयन की चाबी अप्रेंटिस पदों के लिए उम्मीदवारों की मेरिट 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। यानी यहां लिखित परीक्षा के बजाय स्कूल की मार्कशीट अहम भूमिका निभाएगी। अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान रहते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जा सकती है। कोविड अवधि में 10वीं पास करने वाले उम्मीदवारों की मार्कशीट से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी विशेष शर्तें रखी गई हैं। वहीं, अंकों से संबंधित दस्तावेज जमा करते समय उम्मीदवारों को किसी भी गलती से बचना होगा। उम्र की सीमा भी जान लें (Railway Vacancy 2026) अप्रेंटिसशिप के लिए सामान्य तौर पर न्यूनतम उम्र 15 वर्ष रखी गई है। नॉन-आईटीआई और फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 22 वर्ष तक बताई गई है, जबकि संबंधित श्रेणियों में अधिकतम उम्र 24 वर्ष तक हो सकती है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। कितनी मिलेगी हर महीने रकम? अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को स्टाइपेंड दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 10वीं पास फ्रेशर्स को हर महीने 8,200 रुपये और 12वीं पास उम्मीदवारों को 9,600 रुपये तक स्टाइपेंड मिल सकता है। एक्स-आईटीआई उम्मीदवारों के लिए भी स्टाइपेंड 9,600 रुपये बताया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दूसरे साल स्टाइपेंड में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है। हालांकि, आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी कैटेगरी और पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।
Courses After Retirement: रिटायरमेंट के बाद भी कमाई का रास्ता खुला है, ये कोर्स बदल सकते हैं जिंदगी की दूसरी पारी

New Delhi: रिटायरमेंट (Courses After Retirement) को अक्सर नौकरी और जिम्मेदारियों से पूरी तरह दूरी बनाने का समय माना जाता है। लेकिन आज तस्वीर तेजी से बदल रही है। 60 साल की उम्र के बाद भी कई लोग अपने अनुभव और हुनर का इस्तेमाल करके काम करना पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि इसके लिए हमेशा फुल टाइम नौकरी की जरूरत नहीं होती। पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांस प्रोजेक्ट और कंसल्टेंसी जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। रिटायरमेंट के बाद कोई नया कोर्स करना सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि खुद को व्यस्त और अपडेट रखने का तरीका भी बन सकता है। ऐसे में अपनी पुरानी नौकरी के अनुभव से जुड़े क्षेत्र को चुनना काफी फायदेमंद हो सकता है। डिजिटल मार्केटिंग सीखकर शुरू करें नई पारी (Courses After Retirement) आज छोटे-बड़े कारोबारों के लिए ऑनलाइन मौजूदगी बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे रिटायरमेंट के बाद भी सीखा जा सकता है। इसमें SEO, सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापन और कंटेंट प्रमोशन जैसी चीजें शामिल होती हैं। अगर किसी व्यक्ति को स्थानीय कारोबार, दुकान या छोटे ब्रांड के साथ काम करने का मौका मिलता है, तो वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रमोशन संभाल सकता है। फ्रीलांस काम में कमाई प्रोजेक्ट, अनुभव और स्किल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। पैसे और टैक्स की समझ है तो कंसल्टेंसी बन सकती है विकल्प अगर नौकरी के दौरान वित्तीय मामलों से जुड़ा अनुभव रहा है, तो Financial Planning और Tax Consultancy से जुड़े कोर्स उपयोगी हो सकते हैं। CFP जैसे प्रोफेशनल कोर्स के जरिए निवेश, वेल्थ मैनेजमेंट और रिटायरमेंट प्लानिंग की जानकारी को और बेहतर किया जा सकता है। वहीं GST और Taxation की पढ़ाई के बाद छोटे कारोबारियों को टैक्स से जुड़े काम में मदद देने का रास्ता भी खुल सकता है। हालांकि इस क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले संबंधित योग्यता और नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। Excel और Power BI से अनुभव को दें नया रूप (Courses After Retirement) कॉरपोरेट सेक्टर में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के लिए Advanced Excel और Power BI जैसी स्किल काफी काम की हो सकती हैं। इनका इस्तेमाल डेटा को समझने, रिपोर्ट तैयार करने और बिजनेस से जुड़े फैसलों में मदद करने के लिए किया जाता है। अगर पहले से मैनेजमेंट या डेटा से जुड़ा अनुभव है, तो इन स्किल्स के जरिए छोटे प्रोजेक्ट या कंसल्टिंग असाइनमेंट लिए जा सकते हैं। अनुभव को ज्ञान बनाकर करें ट्रेनिंग और मेंटरिंग रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी पूंजी अक्सर पैसा नहीं, बल्कि वर्षों का अनुभव होता है। किसी खास इंडस्ट्री में लंबा करियर रहा है तो Corporate Training, Coaching या Mentoring से जुड़ा कोर्स किया जा सकता है। इसके बाद कंपनियों, संस्थानों या युवा प्रोफेशनल्स के लिए Leadership, Communication और Soft Skills पर ट्रेनिंग सेशन लिए जा सकते हैं। इस काम में आपकी उम्र से ज्यादा आपके अनुभव और समझ की अहमियत हो सकती है। पढ़ाने और लिखने का शौक है तो ऑनलाइन काम भी विकल्प शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग रिटायरमेंट के बाद Online Teaching, Tutoring या Guest Faculty के तौर पर अपनी दूसरी पारी शुरू कर सकते हैं। वहीं जिन्हें लिखने का अनुभव या शौक है, वे Content Writing, Editing और Blogging जैसे काम देख सकते हैं। Career Coaching या Life Coaching से जुड़ी ट्रेनिंग भी उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो युवाओं को करियर और प्रोफेशनल लाइफ में मार्गदर्शन देना चाहते हैं। Tally, QuickBooks और अकाउंटिंग से छोटे कारोबारों की मदद बुक कीपिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर सीखना भी रिटायरमेंट के बाद काम आ सकता है। Tally या QuickBooks जैसी स्किल के जरिए छोटे कारोबारों के रिकॉर्ड, बिलिंग और दूसरे वित्तीय काम संभालने के अवसर मिल सकते हैं। वहीं, पूर्व मैनेजर और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए Corporate Governance और Compliance से जुड़े कोर्स उनके पुराने अनुभव को नए काम से जोड़ सकते हैं। Supply Chain का अनुभव है तो उसे दोबारा इस्तेमाल करें Manufacturing, Inventory, Shipping या Logistics में काम कर चुके लोगों के लिए Supply Chain and Logistics Management से जुड़े कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। यहां पुराना अनुभव काफी मददगार साबित हो सकता है और फ्रीलांस कंसल्टिंग के जरिए कंपनियों को सलाह देने का रास्ता बन सकता है। कोर्स चुनते समय जल्दबाजी न करें रिटायरमेंट के बाद कोई भी कोर्स सिर्फ कमाई देखकर चुनना सही नहीं होगा। अपनी पुरानी नौकरी, रुचि, समय और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही किसी कोर्स में पैसा लगाने से पहले उसकी मान्यता, फीस, अवधि और उसके बाद मिलने वाले काम के अवसरों की अच्छी तरह जांच कर लें।
Bihar Police Constable Result 2026: Operator और Special Branch के अभ्यर्थी ऐसे करें चेक परिणाम

Patna: बिहार पुलिस में कांस्टेबल भर्ती (Bihar Police Constable Result 2026) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) यानी CSBC ने कांस्टेबल से जुड़ी दो भर्तियों के लिखित परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। इनमें कांस्टेबल ऑपरेटर भर्ती 2026 और स्पेशल ब्रांच कांस्टेबल भर्ती 2026 शामिल हैं। अभ्यर्थी अब अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं। CSBC की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक दोनों भर्तियों के परिणाम 18 अगस्त 2026 को जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को अपना रोल नंबर चेक करने के लिए पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। 993 पदों वाली Operator भर्ती का रिजल्ट जारी (Bihar Police Constable Result 2026) कांस्टेबल ऑपरेटर भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत निकाली गई थी। इस भर्ती में कुल 993 पद शामिल हैं। इसके लिए लिखित परीक्षा 28 जून 2026 को आयोजित की गई थी। भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर 4,965 अभ्यर्थियों को PET के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के रोल नंबर रिजल्ट PDF में दिए गए हैं। श्रेणी के हिसाब से देखें तो सामान्य वर्ग के 2,040, EWS के 495, SC के 785, ST के 50, EBC के 875, BC के 565 और BC महिला वर्ग के 155 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चुना गया है। Special Branch में 83 पदों का परिणाम (Bihar Police Constable Result 2026) दूसरी ओर, Special Branch Constable Recruitment 2026 के तहत 83 पदों पर भर्ती होनी है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत निकाली गई थी। इसके लिए लिखित परीक्षा 24 जून 2026 को आयोजित हुई थी। अब इस परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया है। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा। CSBC की वेबसाइट पर इस भर्ती की जानकारी और नोटिस उपलब्ध हैं। अब आगे क्या होगा? रिजल्ट जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों के लिए अगला चरण महत्वपूर्ण है। Operator भर्ती में लिखित परीक्षा के आधार पर PET के लिए चयन किया गया है। आगे शारीरिक दक्षता परीक्षा और संबंधित भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण पूरे किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे रिजल्ट देखने के साथ-साथ CSBC की ओर से जारी आगे के नोटिस पर भी नजर रखें। परीक्षा या PET से जुड़ी तारीख, एडमिट कार्ड और जरूरी निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी किए जाएंगे। ऐसे चेक करें Bihar Police Constable Result रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले CSBC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद Result या Notice Board सेक्शन में जाएं। अपनी भर्ती से संबंधित रिजल्ट लिंक खोलें। रिजल्ट की PDF सामने आने के बाद उसमें अपना रोल नंबर खोजें। PDF में रोल नंबर ढूंढने के लिए कंप्यूटर पर Ctrl+F का इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल पर भी PDF के सर्च विकल्प से रोल नंबर तलाशा जा सकता है। अभ्यर्थी रिजल्ट PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। एक जरूरी बात यह है कि Operator भर्ती के लिए जारी PET सूची मेरिट क्रम में नहीं है। इसलिए केवल PDF में रोल नंबर देखकर ही अपने चयन की स्थिति जांचें।
वकालत के लाइसेंस की राह हुई साफ! AIBE 22 के लिए आवेदन कल से शुरू, जानिए एग्जाम डेट और फीस की पूरी डिटेल

AIBE 22 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 19 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। लॉ ग्रेजुएट्स 27 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन आज से शुरू, 31 अगस्त तक भर सकते हैं फॉर्म

Bihar STET के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो गई है। पात्र उम्मीदवार 31 अगस्त तक पेपर-1 और पेपर-2 के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
NUSRL Ranchi: अगर वकील बनना है तो सिर्फ डिग्री काफी नहीं! यहां पढ़ाई के साथ मिलेगा कोर्टरूम जैसा अनुभव

Ranchi: अगर आपका लक्ष्य कानून के क्षेत्र में मजबूत करियर बनाने का है, तो झारखंड की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ यानी NUSRL Ranchi आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। साल 2010 में स्थापित यह यूनिवर्सिटी लीगल एजुकेशन और रिसर्च के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है। यहां छात्रों को कानून की पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों से जोड़ा जाता है, जिससे उन्हें आगे की प्रोफेशनल लाइफ के लिए तैयार होने में मदद मिले। खास तौर पर उन छात्रों के लिए यह जगह उपयोगी हो सकती है, जो पढ़ाई के साथ कानूनी मामलों को समझने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं। BA LLB में पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (NUSRL Ranchi) NUSRL का BA LLB (Hons) पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स है। इसमें छात्रों को आर्ट्स के विषयों के साथ कानून के जरूरी हिस्सों की पढ़ाई कराई जाती है। कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, क्रिमिनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ और इंटरनेशनल लॉ जैसे विषय कोर्स का हिस्सा हैं। लेकिन इस प्रोग्राम की खासियत सिर्फ विषयों की लंबी सूची नहीं है। छात्रों को केस स्टडी, मूट कोर्ट और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों के जरिए कानूनी मामलों को करीब से समझने का मौका मिलता है। इस कोर्स में प्रवेश के लिए CLAT UG स्कोर अहम है। इसलिए NUSRL में BA LLB करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए CLAT की तैयारी भी उतनी ही जरूरी हो जाती है। LLM के जरिए किसी खास क्षेत्र में बनाएं पकड़ (NUSRL Ranchi) कानून में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके छात्रों के लिए NUSRL एक साल का LLM प्रोग्राम भी उपलब्ध कराता है। इस कोर्स के जरिए छात्र कानून के किसी खास क्षेत्र में अपनी समझ को और मजबूत कर सकते हैं। LLM में कॉरपोरेट लॉ, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) और कॉन्स्टिट्यूशनल एवं एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ जैसे क्षेत्रों पर गहराई से पढ़ाई और रिसर्च का अवसर मिलता है। इसमें दाखिले के लिए CLAT PG स्कोर का इस्तेमाल किया जाता है। कैंपस में पढ़ाई के साथ मिलती हैं कई सुविधाएं कांके-नगड़ी रोड पर स्थित NUSRL कैंपस में छात्रों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई, मूट कोर्ट हॉल, लीगल एड क्लिनिक और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूनिवर्सिटी में अकादमिक गतिविधियों और इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को कानून की पढ़ाई को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी मिलता है। पढ़ाई के बाद करियर के कई रास्ते NUSRL से कानून की पढ़ाई करने के बाद छात्रों के सामने सिर्फ वकालत का विकल्प नहीं रहता। वे कॉरपोरेट लॉ फर्म, लीगल कंसल्टेंसी, पब्लिक सेक्टर, ज्यूडिशियरी और सिविल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की तैयारी कर सकते हैं।
IGNOU 1 Year Master’s Degree: अब मास्टर डिग्री के लिए 2 साल का इंतजार नहीं! लेकिन एक शर्त बदल देगी पूरा खेल

New Delhi: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानी IGNOU ने उच्च शिक्षा को लेकर छात्रों के लिए बड़ा बदलाव (IGNOU 1 Year Master’s Degree) किया है। यूनिवर्सिटी ने 4 साल की ग्रेजुएशन पूरी करने वाले योग्य छात्रों के लिए एक साल में पूरी होने वाली मास्टर डिग्री के 9 नए प्रोग्राम शुरू किए हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत पढ़ाई को ज्यादा लचीला बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे योग्य छात्रों को मास्टर डिग्री के लिए सामान्य दो साल के बजाय सिर्फ एक साल पढ़ाई करनी होगी। हर ग्रेजुएट को नहीं मिलेगा फायदा (IGNOU 1 Year Master’s Degree) यहां सबसे जरूरी बात छात्रों को ध्यान रखनी होगी। IGNOU का एक साल वाला मास्टर प्रोग्राम सभी ग्रेजुएट छात्रों के लिए नहीं है। जिन छात्रों ने 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) पूरा किया है, वही इस व्यवस्था के तहत दाखिला ले सकते हैं। वहीं, सिर्फ 3 साल की सामान्य ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को इस एक साल के मास्टर प्रोग्राम के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। ऐसे छात्रों के लिए IGNOU के दो साल वाले पारंपरिक मास्टर प्रोग्राम का विकल्प रहेगा। इन 9 कोर्स में ले सकते हैं दाखिला IGNOU ने फिलहाल 9 विषयों में एक साल की मास्टर डिग्री का विकल्प दिया है। इनमें MA Economics, MA Sociology, MA History, MCom, MA Journalism and Mass Communication, MA English, MA Hindi, MA Sanskrit और MA Urdu शामिल हैं। यानी अलग-अलग विषयों से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए इस नई व्यवस्था में कई विकल्प मौजूद हैं। आवेदन से पहले ये बात जरूर जान लें (IGNOU 1 Year Master’s Degree) आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। छात्रों को IGNOU के एडमिशन पोर्टल पर जाकर नए रजिस्ट्रेशन से शुरुआत करनी होती है। इसके लिए वैध मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जरूरत होगी। इसके बाद कोर्स और स्टडी सेंटर चुनकर व्यक्तिगत व शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए छात्रों को अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी जाती है। नौकरी और आगे की पढ़ाई में मिल सकता है समय का फायदा एक साल में मास्टर डिग्री पूरी होने का सबसे बड़ा फायदा समय बचना है। 4 साल की ग्रेजुएशन कर चुके छात्र अगर पात्रता पूरी करते हैं, तो उन्हें मास्टर डिग्री के लिए अतिरिक्त दो साल लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे वे आगे नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा की तैयारी अपेक्षाकृत जल्दी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले पात्रता और संबंधित कोर्स की आधिकारिक शर्तों को ध्यान से जांचना जरूरी है।
IBPS CRP PO MT XVI प्री एडमिट कार्ड 2026 जारी, जानें किस तारीख को होगी परीक्षा

New Delhi: इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) ने (CRP PO/MT-XVI) पदों की भर्ती के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्री एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। प्री-परीक्षा 23 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। आवेदन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 26 जुलाई 2026 थी। उम्मीदवार पोर्टल पर लॉग इन करके अपने एनरोलमेंट नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर या जन्म तिथि का उपयोग करके अपना प्री एडमिट कार्ड देख सकते हैं। सीधा लिंक नीचे दिया गया है। महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू होने की तारीख: 01 जुलाई 2026रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 26 जुलाई 2026 (बढ़ाई गई)परीक्षा शुल्क भुगतान की आखिरी तारीख: 26 जुलाई 2026सुधार की तारीख: 29 – 30 जुलाई 2026प्री परीक्षा की तारीख: 23 अगस्त 2026प्री एडमिट कार्ड: 14 अगस्त 2026 (अब उपलब्ध)परिणाम: जल्द ही यहां अपडेट किया जाएगा आवेदन शुल्क सामान्य, OBC, EWS: ₹ 850/-SC, ST, PH: ₹ 175/- भुगतान का तरीका (ऑनलाइन): आप निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं: डेबिट कार्डक्रेडिट कार्डइंटरनेट बैंकिंगIMPSकैश कार्ड / मोबाइल वॉलेट IBPS PO MT XVI नोटिफिकेशन 2026 : 01 जुलाई 2026 को आयु सीमा न्यूनतम आयु – 20 वर्षअधिकतम आयु – 30 वर्षIBPS भर्ती 2026 के नियमों के अनुसार अतिरिक्त आयु में छूट IBPS PO MT XVI प्री एडमिट कार्ड 2026 कैसे चेक और डाउनलोड करें IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।CRP PO/MT-XVI सेक्शन में जाएं।CRP PO/MT-XVI के लिए ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा कॉल लेटर पर क्लिक करें।अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि दर्ज करें।ज़रूरी कैप्चा/सिक्योरिटी कोड दर्ज करें और लॉगिन/सबमिट पर क्लिक करें।आपका IBPS PO MT XVI प्री एडमिट कार्ड 2026 स्क्रीन पर दिखाई देगा।अपनी परीक्षा की तारीख, रिपोर्टिंग का समय, परीक्षा केंद्र, रोल नंबर और अन्य निर्देशों को ध्यान से देखें।भविष्य के लिए कॉल लेटर डाउनलोड करके सेव कर लें।एक साफ प्रिंटआउट लें और जरूरी दस्तावेज़ों के साथ इसे परीक्षा केंद्र ले जाएं। IBPS PO MT XVI ऑनलाइन फ़ॉर्म 2026 : चयन की प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षामुख्य परीक्षाइंटरव्यूअंतिम चयन IBPS PO MT XVI प्री एडमिट कार्ड 2026 : महत्वपूर्ण सवाल सवाल: मैं IBPS PO MT XVI प्री एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड कर सकता हूँ?जवाब: उम्मीदवार IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर और अपनी ज़रूरी जानकारी (क्रेडेंशियल्स) से लॉगिन करके कॉल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। सवाल: IBPS PO प्री एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए कौन सी जानकारी चाहिए?जवाब: कॉल लेटर पाने के लिए उम्मीदवारों को आमतौर पर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि की ज़रूरत होती है। सवाल: IBPS की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?जवाब: IBPS की आधिकारिक वेबसाइट https://www.ibps.in/ है।
Free Online Coaching: PM मोदी का बड़ा ऐलान, जानिए किन छात्रों को मिल सकती है फ्री ऑनलाइन कोचिंग

New Delhi: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 15 अगस्त 2026 का दिन एक बड़ी घोषणा लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग (Free Online Coaching) नेटवर्क तैयार करने की बात कही। सरकार का मकसद महंगी कोचिंग के खर्च से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है। यह ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब UPSC, JEE, NEET, SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्र निजी कोचिंग का सहारा लेते हैं। कई परिवारों के लिए कोचिंग फीस, रहने का खर्च और दूसरे शहर में जाने का खर्च अलग से चुनौती बन जाता है। किन छात्रों को मिलेगा फायदा? (Free Online Coaching) प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था बनाने की बात कही है। इसका सबसे बड़ा फोकस उन छात्रों पर रहने की उम्मीद है, जिनके परिवार महंगी कोचिंग का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। सरकार देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की उपलब्धता का इस्तेमाल करके ऐसा नेटवर्क तैयार करने की योजना बता रही है, जिससे छात्रों को अपने घर से ही अच्छी तैयारी का मौका मिल सके। UPSC से लेकर JEE और NEET तक तैयारी? (Free Online Coaching) घोषणा के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि फ्री कोचिंग के दायरे में कौन-कौन सी परीक्षाएं आएंगी। शुरुआती जानकारी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। इसमें UPSC, JEE, NEET, SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, परीक्षा के हिसाब से कोर्स, बैच, क्लास, टेस्ट और स्टडी मटेरियल किस तरह उपलब्ध कराया जाएगा, इसका पूरा ढांचा अभी सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल- योग्यता क्या होगी? (Free Online Coaching) यही वह सवाल है जिसका जवाब फिलहाल छात्रों को इंतजार है। अभी तक सरकार की ओर से इस पहल के लिए आधिकारिक पात्रता नियम, उम्र सीमा, आय सीमा, आवेदन प्रक्रिया या चयन का तरीका सार्वजनिक नहीं किया गया है। यानी फिलहाल यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर छात्र तुरंत इस सुविधा के लिए आवेदन कर सकता है। छात्रों को सरकार की ओर से आगे जारी होने वाली आधिकारिक गाइडलाइन का इंतजार करना होगा। इसी तरह यह भी साफ नहीं है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए कोई अलग प्रमाणपत्र जरूरी होगा या ऑनलाइन कोचिंग सभी अभ्यर्थियों के लिए खुली रहेगी। इन सवालों का जवाब योजना की विस्तृत घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। घर बैठे पढ़ाई का बढ़ेगा मौका (Free Online Coaching) इस पहल का एक अहम उद्देश्य छात्रों को कोचिंग के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की मजबूरी से राहत देना भी है। ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई उपलब्ध होने पर छात्र अपने घर से तैयारी कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक और एजुकेटर मौजूद हैं। इन संसाधनों को जोड़कर देशभर में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार किया जा सकता है। छात्रों को अब क्या करना चाहिए? (Free Online Coaching) फिलहाल छात्रों को किसी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया लिंक पर आवेदन करने से बचना चाहिए। क्योंकि योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। जैसे ही सरकार की ओर से आधिकारिक पोर्टल, आवेदन तारीख और नियम जारी होंगे, तभी आवेदन करना सुरक्षित रहेगा।