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Career Options After 12th: JEE-NEET के बिना भी बनाएं शानदार करियर, इन 10 फील्ड में है लाखों की कमाई

Jobs Without JEE NEET

New Delhi: 12वीं के बाद करियर चुनते समय कई छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर किस क्षेत्र में आगे बढ़ें। अक्सर माना जाता है कि अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी के लिए JEE-NEET जैसी प्रवेश परीक्षाएं पास करना जरूरी है। लेकिन ऐसा नहीं है। आज कंप्यूटर, फाइनेंस, बिजनेस, डिजाइन और कानून समेत कई क्षेत्रों में करियर बनाने के विकल्प मौजूद हैं। सही कोर्स, जरूरी स्किल और अनुभव के दम पर छात्र इन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 10 करियर विकल्प, जिनके लिए JEE-NEET अनिवार्य नहीं है। 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस तेजी से लोकप्रिय हो रहे क्षेत्र हैं। कंपनियां डेटा के आधार पर फैसले लेने और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए इन तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं। छात्र 12वीं के बाद BCA, B.Sc. कंप्यूटर साइंस या डेटा साइंस जैसे कोर्स पर विचार कर सकते हैं। गणित, सांख्यिकी और कंप्यूटर में रुचि रखने वालों को इस क्षेत्र में फायदा मिल सकता है। कमाई योग्यता, तकनीकी कौशल, कंपनी और अनुभव पर निर्भर करती है। 2. साइबर सिक्योरिटी में करियर इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ये विशेषज्ञ कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क और डिजिटल डेटा को हैकिंग तथा ऑनलाइन हमलों से सुरक्षित रखने का काम करते हैं। ऐसे में छात्र JEE-NEET के अलावा कंप्यूटर साइंस, BCA या साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कोर्स कर सकते हैं। नेटवर्किंग, प्रोग्रामिंग और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है। अनुभव और विशेषज्ञता के साथ बेहतर नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। 3. चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA जिन छात्रों को अकाउंटिंग, टैक्स और वित्तीय मामलों में रुचि है, उनके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। CA कंपनियों के खातों की जांच, टैक्स संबंधी काम और वित्तीय सलाह देने जैसे कार्य करते हैं। 12वीं के बाद इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के निर्धारित पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रक्रिया के जरिए इस क्षेत्र में प्रवेश किया जा सकता है। योग्यता, अनुभव और अपनी प्रैक्टिस के आधार पर कमाई बढ़ने की संभावना रहती है। 4. इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और फाइनेंस बड़ी कंपनियों को निवेश, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े वित्तीय फैसलों के लिए विशेषज्ञों की जरूरत होती है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग इसी क्षेत्र का हिस्सा है। छात्र B.Com, BA इकोनॉमिक्स, BBA या फाइनेंस से संबंधित पढ़ाई के बाद इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कुछ वरिष्ठ पदों के लिए MBA या अतिरिक्त प्रोफेशनल योग्यता उपयोगी हो सकती है। इस क्षेत्र में कमाई संस्थान, पद, अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग होती है। 5. लॉ यानी कानून तर्क-वितर्क, पढ़ने और लोगों की समस्याएं समझने में रुचि रखने वाले छात्र कानून के क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय BA LLB या BBA LLB कोर्स का विकल्प मौजूद है। इसके लिए CLAT, AILET या संबंधित संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। वकालत के अलावा कॉरपोरेट लॉ, साइबर लॉ और बौद्धिक संपदा कानून जैसे क्षेत्रों में भी अवसर मिलते हैं। कमाई अनुभव, विशेषज्ञता और काम के प्रकार पर निर्भर करती है। 6. डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग में कंपनियों और ब्रांड्स को इंटरनेट के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाने का काम किया जाता है। इसमें SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग, ईमेल मार्केटिंग और ऑनलाइन विज्ञापन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। छात्र डिग्री के साथ-साथ मान्यता प्राप्त संस्थानों से संबंधित कोर्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण ले सकते हैं। रचनात्मकता, विश्लेषण करने की क्षमता और डिजिटल टूल्स की जानकारी करियर में मददगार हो सकती है। 7. ग्राफिक डिजाइन और UI/UX डिजाइन जिन छात्रों को रचनात्मक काम पसंद है, वे ग्राफिक डिजाइन या UI/UX डिजाइन चुन सकते हैं। ग्राफिक डिजाइनर पोस्टर, विज्ञापन और ब्रांड की दृश्य पहचान तैयार करते हैं, जबकि UI/UX डिजाइनर वेबसाइट और ऐप को उपयोग में आसान बनाने पर काम करते हैं। डिजाइन कोर्स, सॉफ्टवेयर की जानकारी और मजबूत पोर्टफोलियो इस क्षेत्र में अवसर बढ़ा सकते हैं। 8. मैनेजमेंट और बिजनेस बिजनेस, टीम मैनेजमेंट और मार्केटिंग में रुचि रखने वाले छात्र BBA या संबंधित स्नातक कोर्स कर सकते हैं। आगे MBA करके मार्केटिंग, मानव संसाधन, ऑपरेशंस और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है। नौकरी के अलावा उद्यमिता भी एक विकल्प है, हालांकि कारोबार की सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है। 9. एविएशन और हॉस्पिटैलिटी एविएशन और हॉस्पिटैलिटी में एयरपोर्ट सेवाओं, केबिन क्रू, होटल मैनेजमेंट और पर्यटन से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, भाषा कौशल और अन्य पात्रता शर्तें अलग होती हैं। इसलिए कोर्स चुनने से पहले संबंधित संस्थान और नौकरी की आवश्यकताएं जांचना जरूरी है। 10. एनिमेशन, गेमिंग और वीडियो प्रोडक्शन एनिमेशन, गेम डिजाइन, वीडियो एडिटिंग और विजुअल इफेक्ट्स में रुचि रखने वाले छात्र इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। इसके लिए संबंधित डिप्लोमा, डिग्री या कौशल आधारित कोर्स किए जा सकते हैं। रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और मजबूत पोर्टफोलियो नौकरी या फ्रीलांसिंग के अवसर बढ़ा सकते हैं। करियर चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान JEE-NEET के बिना भी कई क्षेत्रों में आगे बढ़ना संभव है, लेकिन हर करियर में सफलता की गारंटी नहीं होती। कमाई कोर्स, कॉलेज, कौशल, अनुभव और नौकरी के अवसरों पर निर्भर करती है। दाखिला लेने से पहले पात्रता, फीस, कोर्स की मान्यता और रोजगार की संभावनाओं की जांच करें। अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार चुना गया रास्ता लंबे समय में बेहतर साबित हो सकता है। निष्कर्ष 12वीं के बाद करियर चुनते समय छात्रों को सिर्फ JEE और NEET तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। AI, साइबर सिक्योरिटी, CA, फाइनेंस, लॉ और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्र भी बेहतर भविष्य के अवसर दे सकते हैं। युवा डाइनामाइट का उद्देश्य युवाओं को करियर, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी उपयोगी जानकारी देना है, ताकि वे अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार सही फैसला लेकर आगे बढ़ सकें।

Science वाले छात्र अब भूल जाएं इंजीनियरिंग-मेडिकल की पुरानी भीड़, ये 5 अनोखे कोर्सेज दिलाएंगे लाखों का भारी-भरकम पैकेज

Science Stream Courses

New Delhi: आज के समय में 12वीं कक्षा में Science Stream (PCM/PCB) से पढ़ाई करने वाले अधिकांश छात्रों के मन में यही सवाल रहता है कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के अलावा उनके पास क्या बेहतर विकल्प हैं। अक्सर सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण छात्र पारंपरिक कोर्सेज में ही उलझ कर रह जाते हैं। लेकिन बदलते दौर में टेक्नोलॉजी, रिसर्च और हेल्थकेयर के क्षेत्र में कई ऐसे नए और बेहतरीन कोर्सेज आ चुके हैं, जो न सिर्फ रोमांचक हैं बल्कि शानदार सैलरी भी ऑफर करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बेस्ट कोर्सेज के बारे में। 1. डेटा Science और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Data Science & AI) आज की डिजिटल दुनिया में डेटा ही सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के क्षेत्र में बंपर नौकरियां निकल रही हैं। अगर आपकी रुचि कोडिंग, एल्गोरिदम और एनालिटिक्स में है, तो यह कोर्स आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसमें आपको कोडिंग और स्टेटिस्टिक्स के जरिए बड़ी कंपनियों के लिए डेटा का विश्लेषण करना सिखाया जाता है। 2. बायोटेक्नोलॉजी और बायोइन्फॉर्मेटिक्स (Biotechnology & Bioinformatics) बायोलॉजी के छात्रों के लिए यह क्षेत्र किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। इस कोर्स के तहत जेनेटिक इंजीनियरिंग, मेडिसिन डेवलपमेंट और एग्रीकल्चर बायो-टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम किया जाता है। आने वाले समय में हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल कंपनियों में बायोटेक्नोलॉजी के जानकारों की मांग बहुत तेजी से बढ़ने वाली है। 3. फॉरेंसिक साइंस (Forensic Science) अगर आपको क्राइम मिस्ट्री सुलझाने में रोमांच आता है और आप कॉप शोज़ देखकर प्रेरित होते हैं, तो फॉरेंसिक Science आपके लिए परफेक्ट करियर है। इस कोर्स में क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और फिंगरप्रिंट एनालिसिस जैसी तकनीकें सिखाई जाती हैं। सरकारी एजेंसियों और पुलिस विभागों में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की भारी डिमांड रहती है। 4. रोबोटिक्स और ऑटोमेशन इंजीनियरिंग (Robotics & Automation) मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स का मिला-जुला रूप रोबोटिक्स आज के दौर का सबसे तेजी से उभरता हुआ सेक्टर है। ऑटोमोबाइल से लेकर स्पेस रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग तक हर जगह रोबोट्स का इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप रोबोट्स डिजाइन करने और उन्हें प्रोग्राम करने में रुचि रखते हैं, तो यह कोर्स आपको आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा सकता है। 5. पर्यावरण विज्ञान और सस्टेनेबिलिटी (Environmental Science) आज के समय में ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में पर्यावरण वैज्ञानिक (Environmental Scientist) और सस्टेनेबिलिटी एक्सपर्ट्स की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। इस कोर्स को करने के बाद आप देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं और एनजीओ के साथ जुड़कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर सकते हैं। निष्कर्ष युवा डाइनामाइट का मानना है कि पारंपरिक डिग्रियों की भीड़ से निकलकर आज के आधुनिक दौर में कदम रखने का समय आ गया है। साइंस स्ट्रीम के छात्रों के पास अब मेडिकल और इंजीनियरिंग के अलावा भी कई ऐसे जादुई और भविष्य बदलने वाले विकल्प मौजूद हैं जो उनकी मेहनत को सही दिशा दे सकते हैं। सही समय पर लिया गया एक स्मार्ट फैसला न सिर्फ आपके करियर को नई ऊंचाइयां देगा, बल्कि आपको आत्मनिर्भर भी बनाएगा। इसलिए लीक से हटकर सोचें और इन शानदार कोर्सेज के साथ अपने सपनों को नई उड़ान दें।

CBSE Board Exam Date 2027: इस हफ्ते जारी हो सकता है सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल, ऐसे करें चेक करें

CBSE Board Exam Date 2027

CBSE Board Exam Date 2027: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2027 की डेटशीट जल्द ही जारी होने वाली है। 10वीं और 12वीं के छात्र फरवरी से शुरू होने वाले एग्जाम और जनवरी के प्रैक्टिकल की पूरी जानकारी यहां देख सकते हैं।

UP PET 2026 Exam City Released: यूपी पीईटी 2026 की परीक्षा सिटी स्लिप हुई जारी, ऐसे करें चेक

UP PET 2026 Exam City Released

UP PET 2026 Exam City Released: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने यूपी पीईटी 2026 की एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी है। उम्मीदवार upsssc.gov.in पर जाकर अपने परीक्षा जिले की जानकारी देख सकते हैं।

IIT-BHU में नए छात्रों का होगा ड्रग टेस्ट, 9 सदस्यीय समिति गठित; जानें पूरी प्रक्रिया

IIT BHU

वाराणसी: आईआईटी-बीएचयू में नए छात्रों के ड्रग टेस्ट की तैयारी शुरू हो गई है। संस्थान ने बीटेक, एमटेक, इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री (IDD) और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की यूरिन आधारित जांच की प्रक्रिया तय करने के लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाना है। संस्थान की वेबसाइट पर 8 अक्टूबर को समिति के गठन से संबंधित नोटिस जारी किया गया था। अब समिति जांच की प्रक्रिया और इससे जुड़े जरूरी पहलुओं पर काम करेगी। IIT-BHU में ड्रग टेस्ट के लिए बनी 9 सदस्यीय समिति समिति की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार करेंगे। इसमें आईआईटी-बीएचयू के शिक्षकों के साथ बीएचयू के चिकित्सा विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। समिति में प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. मेधा झा, प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अजीत कुमार मिश्रा, आईएमएस-बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. दीपा रानी, बीएचयू के जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर और तुषार कुमार सदस्य हैं। समिति का प्रमुख कार्य नए छात्रों की यूरिन आधारित जांच की प्रक्रिया तय करने में भूमिका निभाना होगा। इसके तहत जांच से जुड़े नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं पर विचार किया जाएगा। ड्रग टेस्ट से पहले छात्रों की सहमति जरूरी आईआईटी-बीएचयू में प्रस्तावित ड्रग टेस्ट के लिए विद्यार्थियों की सहमति लेना जरूरी होगा। मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, छात्रों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। यानी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच स्वैच्छिक होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में नशे की प्रवृत्ति की पहचान करने और जरूरत के अनुसार रोकथाम के उपायों पर काम करना है। जांच की प्रक्रिया में छात्रों की सहमति एक अहम पहलू होगी। BTech से PhD तक के छात्रों पर रहेगी नजर प्रस्तावित जांच की प्रक्रिया बीटेक, एमटेक, इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री और पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। हालांकि, जांच कब से शुरू होगी और इसके लिए विस्तृत प्रक्रिया क्या होगी, इसकी जानकारी समिति के कामकाज और आगे जारी होने वाले निर्देशों से स्पष्ट होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के तहत आईआईटी-बीएचयू में नशे की रोकथाम से जुड़ी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। अब सभी की नजर समिति की सिफारिशों और जांच की अंतिम प्रक्रिया पर रहेगी।

SBI PO प्रीलिम्स परीक्षा की उत्तर कुंजी की जारी, जानिए कैसे करें स्कोर की सटीक गणना

SBI PO Answer Key

SBI PO Answer Key 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में प्रोब्लेमरी ऑफिसर (PO) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद अहम अपडेट सामने आया है। एसबीआई ने प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। जिन अभ्यर्थियों ने इस साल परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन माध्यम से सभी सेटों की उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। यह कदम उम्मीदवारों को उनके प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करेगा। SBI PO Answer Key 2026: इस तरह आसानी से डाउनलोड करें उत्तर कुंजी आंसर की डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर जाना होगा। इसके बाद करियर सेक्शन में जाकर संबंधित भर्ती के लिंक पर क्लिक करना होगा। अब अभ्यर्थियों को अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी। सुरक्षा कोड भरकर सबमिट करते ही स्क्रीन पर आंसर की खुल जाएगी, जिसे डाउनलोड करके उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। SBI PO Answer Key 2026: मार्किंग स्कीम और स्कोर कैलकुलेट करने का तरीका SBI PO की उत्तर कुंजी आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि अपने अंकों की गणना कैसे की जाए। परीक्षा के नियमों के मुताबिक, हर सही उत्तर के लिए आपको 1 अंक मिलेगा, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंकों की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। सही उत्तरों के कुल अंकों में से गलत उत्तरों के मार्क्स काटने के बाद जो अंतिम स्कोर आएगा, उससे उम्मीदवार अपने प्रीलिम्स रिजल्ट का एक अनुमान आसानी से लगा सकते हैं। SBI PO Answer Key 2026: 1500 पदों के लिए जल्द आएगा मुख्य परीक्षा का परिणाम इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1500 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की जारी होने के बाद अब यह माना जा रहा है कि बोर्ड बहुत जल्द इसका फाइनल रिजल्ट भी घोषित कर देगा। जो उम्मीदवार प्रीलिम्स की इस बाधा को पार करेंगे, उन्हें ही आगामी मुख्य परीक्षा (Mains Exam) में बैठने का मौका मिलेगा। ऐसे में सभी सफल अभ्यर्थियों को अपनी मुख्य परीक्षा की तैयारी को और अधिक तेज कर देना चाहिए। निष्कर्ष युवा डाइनामाइट के मुताबिक, SBI PO प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आंसर की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, वे अब अपने लॉगिन विवरण का उपयोग करके उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं और अपने अंकों का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। परिणाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होगी।

NIOS Date Sheet 2026: 10वीं-12वीं की परीक्षा कब, किस दिन होगा कौन-सा पेपर? यहां देखें पूरा टाइम टेबल

NIOS Date Sheet 2026

NIOS Date Sheet 2026 जारी हो गई है। कक्षा 10वीं और 12वीं की अक्टूबर-नवंबर परीक्षाएं 22 अक्टूबर से शुरू होंगी। 12वीं की अंतिम परीक्षा 5 दिसंबर और 10वीं की अंतिम परीक्षा 7 दिसंबर को निर्धारित है। विद्यार्थी विषयवार टाइम टेबल और परीक्षा के समय की जानकारी आधिकारिक PDF से प्राप्त कर सकते हैं।

UP Assistant Teacher Recruitment: सरकारी टीचर बनने का सपना होगा आसान या मुश्किल?

UP Assistant Teacher Recruitment

Lucknow: उत्तर प्रदेश के राजकीय स्कूलों में सहायक अध्यापक (LT Grade) बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार अब इस भर्ती प्रक्रिया को और सख्त और स्पष्ट बनाने जा रही है, जिससे योग्य युवाओं को ही मौका मिल सके। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करके शासन के पास भेज दिया है। अब भर्ती के लिए TET पास करना होगा जरूरी अभी तक एलटी ग्रेड भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की अनिवार्यता को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। लेकिन नए प्रस्ताव के पास होते ही टीईटी को इस नौकरी की सबसे पहली और जरूरी शर्त बना दिया जाएगा। यानी अब सरकारी स्कूल में टीचर बनने के लिए उम्मीदवारों को टीईटी की परीक्षा पास करनी ही होगी। जानिए क्या होगी नई शैक्षणिक योग्यता? पुरानी नियमावली में सिर्फ बीएड होना जरूरी बताया गया था, लेकिन ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में कितने नंबर होने चाहिए, यह साफ नहीं था। अब नए नियमों में इस उलझन को पूरी तरह दूर कर दिया गया है- हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया कदम UP Assistant Teacher Recruitment पूरी प्रक्रिया ने रफ्तार तब पकड़ी जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में एलटी ग्रेड भर्ती के नियमों को लेकर कुछ याचिकाएं दाखिल की गईं। अदालत ने साफ निर्देश दिए थे कि कक्षा 9 और 10 के शिक्षकों की भर्ती के नियम एकदम स्पष्ट होने चाहिए और टीईटी को भी जरूरी योग्यता में शामिल किया जाना चाहिए। कोर्ट के इन्हीं आदेशों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और नियमों में बदलाव का यह प्रस्ताव तैयार हुआ। आगे क्या होगा? माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की तरफ से 14 सितंबर 2026 को शासन को पत्र भेजकर इस पर विचार करने का आग्रह किया गया था। इससे पहले 7 सितंबर को हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी। फिलहाल UP Assistant Teacher Recruitment एक प्रस्ताव के रूप में शासन के पास मंजूरी के लिए लंबित है। जैसे ही शासन की हरी झंडी मिलेगी, यह नए नियम आगामी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पर लागू कर दिए जाएंगे।

CJP Protest: दिल्ली में प्रदर्शन का असर! स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई, कॉलेजों की परीक्षाएं टलीं; जानें कहां बदला शेड्यूल

CJP Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन का असर स्कूलों और कॉलेजों के कार्यक्रमों पर भी दिखाई देने लगा है। नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर चिंता के बीच कई शिक्षण संस्थानों ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया है। कहीं छात्रों की कक्षाएं ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है, तो कहीं परीक्षाएं आगे बढ़ा दी गई हैं। कुछ स्कूलों ने अभिभावक-शिक्षक बैठक और अन्य गतिविधियां भी स्थगित कर दी हैं। इन बदलावों के बाद छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी हो गया है कि वे अपने स्कूल या कॉलेज की ओर से जारी सूचना को ध्यान से देखें। खासकर उन विद्यार्थियों को अपनी नई तारीखों की जानकारी रखनी होगी, जिनकी परीक्षाएं या जरूरी कार्यक्रम शनिवार को निर्धारित थे। सरदार पटेल विद्यालय में ऑनलाइन होंगी कक्षाएं नई दिल्ली स्थित सरदार पटेल विद्यालय ने अभिभावकों को जानकारी दी है कि शनिवार को कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएगी। स्कूल ने इस फैसले के पीछे इलाके में संभावित बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है। इसके साथ ही शुक्रवार को छात्रों के लिए उपलब्ध स्टे-बैक सुविधा भी बंद कर दी गई। शनिवार को होने वाला एक्टिविटी वीक का उद्घाटन कार्यक्रम भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। स्कूल की ओर से इसकी नई तारीख बाद में बताई जाएगी। दो स्कूलों में भी बदले कार्यक्रम (CJP Protest) रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने 10 अक्टूबर को होने वाली पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस बैठक में विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड और उनकी पढ़ाई से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी थी। स्कूल नई तारीख की जानकारी बाद में देगा। वहीं, कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की स्पोर्ट्स डे प्रैक्टिस रद्द कर दी है। शनिवार को आयोजित होने वाली एनरिचमेंट क्लास भी नहीं होगी। इससे विद्यार्थियों को अपने पहले से तय कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ेगा। भारती विद्यापीठ कॉलेज की परीक्षा अब सोमवार को पश्चिम विहार स्थित भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने शनिवार को होने वाली मिड-टर्म परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। कॉलेज के अनुसार, अब ये परीक्षाएं सोमवार को आयोजित की जाएंगी। संशोधित तारीख पर परीक्षा का समय पहले जैसा ही रहेगा। कॉलेज ने यह फैसला मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद होने की आशंका तथा परिवहन सेवाओं में संभावित परेशानी को ध्यान में रखकर लिया है। महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट में 12 अक्टूबर को परीक्षा रोहिणी स्थित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने भी शनिवार की मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी हैं। अब ये परीक्षाएं 12 अक्टूबर को होंगी। संस्थान के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से मेट्रो सेवाओं पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर मिली सूचना के बाद यह कदम उठाया गया है। संस्थान ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि परीक्षा की नई तारीख की जानकारी सभी संबंधित छात्रों और शिक्षकों तक पहुंचाई जाए। छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह (CJP Protest) प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए इन बदलावों के बीच विद्यार्थियों को अपने संस्थान की आधिकारिक सूचना जरूर जांचनी चाहिए। ऑनलाइन कक्षाओं के लिंक, परीक्षा की नई तारीख और स्थगित कार्यक्रमों की जानकारी के लिए स्कूल या कॉलेज के संदेशों पर नजर रखें।

AMU में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ, VC नईमा खातून का बड़ा एक्शन; नए प्रॉक्टर नियुक्त

AMU

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रशासन का बड़ा फैसला, प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी बने नए प्रॉक्टर अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इससे करीब 8 साल से छात्रसंघ चुनाव का इंतजार कर रहे छात्रों में नई उम्मीद जगी है। वहीं, कैंपस में जारी तनाव और छात्रों के प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रॉक्टर को भी बदल दिया है। छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार, छात्रों में जगी उम्मीद AMU परिसर में पिछले कई दिनों से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी था। छात्रों का कहना था कि लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रसंघ प्रतिनिधित्व और उनकी समस्याओं को उठाने के लिए लोकतांत्रिक मंच प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार कर ली है। इस फैसले को कैंपस में छात्र राजनीति की वापसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीख और पूरी प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह प्रो. नफीस अहमद को जिम्मेदारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच कुलपति प्रो. नईमा खातून ने प्रॉक्टर के पद पर भी बदलाव किया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी ऑफिस मेमो के मुताबिक, राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को AMU का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। उन्होंने प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह ली है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है। कैंपस में तनाव के बीच प्रशासनिक फेरबदल AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से चर्चा में है। प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव कराने की मांग पर जोर दे रहे थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से मांग स्वीकार किए जाने और प्रॉक्टर बदले जाने को कैंपस की मौजूदा परिस्थितियों के बीच अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब छात्रों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव की तारीख घोषित करने और चुनाव प्रक्रिया शुरू करने पर रहेगी। यदि चुनाव का कार्यक्रम जारी होता है, तो करीब आठ साल बाद AMU में छात्रसंघ चुनाव का रास्ता खुल सकता है

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